Monday, July 15, 2024

आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूल में प्रतिनियुक्ति पर सवाल:228 पदों में अधिकांश हिंदी माध्यम के शिक्षक,गृह जिला वापस लाने का चला पूरा खेल

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मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के ड्रीम प्रोजेक्ट स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूल में ज्यादातर टीचर हिंदी मीडियम के हैं। यहां इंग्लिश मीडियम के ही टीचरों की संविदा भर्ती की जानी थी। लेकिन, विभाग के अफसरों ने बिलासपुर में ऐसा खेल किया और प्रदेश के दूरदराज के जिलों में पदस्थ शिक्षकों को शहर और आसपास के स्कूलों में लाने के लिए प्रतिनियुक्ति दे दी। इतना ही नहीं जिले के 228 पदों में ज्यादातर ऐसे टीचरों को भर्ती किया गया है, जो हिंदी मीडियम के हैं।

दरअसल, प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सरकारी स्कूलों के बच्चों को बेहतर शिक्षा मुहैया कराने के लिए स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूल शुरू किया है। इसका मुख्य उद्देश्य सामान्य और गरीब वर्ग के बच्चों को अंग्रेजी माध्यम में शिक्षा उपलब्ध कराना है। यही वजह है कि उन्होंने अपनी इस महत्वाकांक्षी योजना में किसी तरह से कोई समझौता नहीं करने के सख्त निर्देश दिए थे। बावजूद, इसके जिले के अफसरों ने हिंदी मीडियम वाले टीचरों को यहां प्रतिनियुक्ति दे दी।

बताया जा रहा है कि प्रदेश के कोरबा, रायगढ़, बलौदाबाजार, मुंगेली, जशपुर, जाजंगीर-चांपा, रायगढ़, अंबिकापुर, सरगुजा, कोंडागांव जैसे दूरदराज के शिक्षकों को यहां प्रतिनियुक्ति दी गई है। प्रतिनियुक्ति पर आए ज्यादातर टीचर बिलासपुर की ही रहने वाले हैं, जो किसी भी परिस्थिति में यहां आना चाह रहे थे। उनके लिए यह प्रतिनियुक्ति सुनहरा अवसर बन गया।

हैरानी की बात है कि शासन की इस महत्वपूर्ण योजना के तहत प्रतिनियुक्ति देने के लिए विज्ञापन तक जारी नहीं किया गया। बल्कि, ऑनलाइन आवेदनपत्र जमाकर सीधे प्रतिनियुक्ति दे दी गई।

अफसरों ने स्वामी आत्मानंद स्कूल के मूल उद्देश्य को ही खत्म कर दिया। यहां तक प्रतिनियुक्ति के लिए महज दिखावे की कमेटी बनाई गई, जिसमें गिने-चुने अंग्रेजी के विशेषज्ञ शिक्षक रखे गए। जबकि, कमेटी के ज्यादातर एक्सपर्ट अंग्रेजी विषय के जानकार ही नहीं थे।

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