Monday, July 15, 2024

मुख्यमंत्रियों को धमकी देने वाला पुष्पेंद्र चौहान बरी:डकैती, हत्या, लूट सहित 12 मामलों में था आरोपी;निचली अदालत के फैसले को हाईकोर्ट ने किया निरस्त

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जांजगीर-चांपा के सक्ती में 13 साल पहले ATM के गार्ड की हत्या और लूट की गई थी। इस मामले में आरोपी बनाए गए सरगना पुष्पेंद्र चौहान और उसके साथियों को कोर्ट ने बरी कर दिया है। साथ ही सजा भी निरस्त कर दी। जबकि जिला कोर्ट ने सभी को उम्र कैद की सजा सुनाई थी। इसके पीछे पुलिस जांच में लापरवाही बताई जा रही है। पुलिस ने बैलिस्टिक एक्सपर्ट की रिपोर्ट ही पेश नहीं किया था। कुख्यात डकैत पुष्पेंद्र चौहान तीन साल पहले पश्चिम बंगाल और ओडिशा के मुख्यमंत्री को जेल से धमकी भरे पत्र लिखकर सुर्खियों में आया था। अभी वह सेंट्रल जेल बिलासपुर में बंद है।

दरअसल, घटना 29 दिसंबर 2008 को हुई थी। पुष्पेंद्रनाथ चौहान व उसके साथियों पर आरोप था कि उन्होंने सक्ती रेलवे स्टेशन के पास गार्ड गीताराम को गोली मारकर एटीएम से 14 लाख की लूट की थी। पुलिस ने पुष्पेंद्र व उसके साथी दिनेश नेताम, गुलाब व सोनू चौहान को गिरफ्तार किया था। उनके खिलाफ सक्ती कोर्ट में ट्रायल चला। 30 मई 2014 को द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश ने सभी आरोपियों को आजीवन करावास की सजा सुनाई थी। इस फैसले के खिलाफ अधिवक्ता अजय अयाची के माध्यम से हाईकोर्ट में चुनौती दी गई।

डकैती की योजना बनाते हुए थे गिरफ्तार
सभी चारों आरोपियों को तीन-तीन लाख रुपए का जुर्माना भी हुआ था। इस रकम में से 14 लाख रुपए स्टेट बैंक को देना था। जांजगीर चांपा जिले के बाराद्वार थाना क्षेत्र के ग्राम दर्राभाठा निवासी पुष्पेंद्र नाथ चौहान उर्फ मनीष व उसके साथियों को पुलिस ने 2008 में बिलासपुर रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार किया था। तब सभी यहां डकैती की योजना बना रहे थे। इसके अलावा भी बिलासपुर, कोरबा सहित जांजगीर-चांपा और रायगढ़ जिले में बैंक लूटने व डाका डालने का भी सभी पर आरोप लगा है।

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