Monday, July 15, 2024

रेलवे के CRS ने ठगे 8 लाख रुपए:ठेका कर्मचारियों को चपरासी बनवाने का दिया झांसा, दो साल बाद ट्रांसफर हुआ तो मोबाइल किया बंद

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बिलासपुर में रेलवे के दो ठेका कर्मचारियों को नियमित नौकरी लगाने के नाम पर आठ लाख रुपए की ठगी करने वाले रेलवे के चीफ रिजर्वेशन सुपरवाइजर के खिलाफ पुलिस ने केस दर्ज किया है। रेलवे कर्मी रकम वसूली कर दोनों युवकों को दो साल से घूमा रहा था। इससे पहले भी उसने कैंटीन दिलाने के नाम पर रुपए वसूली किया था और तब भी केस दर्ज किया था। ताजा मामला तोरवा थाने का है।

जानकारी के अनुसार भरत यादव पिता परस यादव (26) हेमूनगर में रहता है। वह रेलवे ठेकेदार सतीश सिंह के साथ 2016 से सफाई का काम कर रहा है। रेलवे के कंस्ट्रक्शन कॉलोनी में क्वार्टर की सफाई करने जाते समय उसकी पहचान आशीष पात्रो से हुई थी, जो रेलवे में चीफ रिजर्वेशन सुपरवाइजर था। उस समय वह डीआरएम और जीएम ऑफिस में काम करता था। भरत यादव के मोहल्ले का दोस्त भी प्रकाश यादव भी उसके साथ काम करता है। दोनों को आशीष पात्रो ने रेलवे में चतुर्थ श्रेणी चपरासी के पद पर नौकरी लगाने की बात कही और पांच-पांच लाख रुपए की मांग की।

घरवालों को बताया रेलवे में नौकरी मिलेगी
आशीष की बातों को सुनकर भरत और प्रकाश ने अपने घरवालों को इसकी जानकारी दी। रेलवे में रेगुलर नौकरी मिलने की उम्मीद में उसके घरवाले भी रुपए देने के लिए तैयार हो गए। भरत ने किस्तों में आशीष को चार लाख 50 हजार रुपए दिया। वहीं, प्रकाश और उसके परिजन ने भी किसी तरह तीन लाख 40 हजार जुटाकर आशीष को दिया। शेष रकम उन्होंने नौकरी मिलने के बाद देने की बात कही थी। लेकिन, न तो उन्हें नौकरी मिली और न ही आशीष ने रकम वापस किया।

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