Tuesday, July 23, 2024

24 घंटे में करारा जवाब:विंटर ओलिंपिक्स के किसी इवेंट में शामिल नहीं होंगे इंडियन एम्बेसेडर; चीन ने गलवान संघर्ष के कमांडर को बनाया था टॉर्च बियरर

- Advertisement -

Cgtimenews।comचीन में कल से शुरू होने जा रहे विंटर ओलिंपिक्स 2022 की किसी भी ऑफिशियल सेरेमनी में भारत के राजदूत शिरकत नहीं करेंगे। विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को यह जानकारी दी। मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा- हमें इस बात का अफसोस है कि चीन ओलिंपिक्स के बहाने सियासत कर रहा है।

कौन है फाबाओ

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, फाबाओ चीन की सेना यानी पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) में रेजीमेंट कमांडर है। 15 जून 2020 को लद्दाख की गलवान घाटी में संघर्ष के दौरान वो गंभीर तौर पर जख्मी हो गया था और उसे भारतीय सैनिकों ने पकड़ लिया था। बाद में उसे चीन को सौंप दिया गया था।

 

दिसंबर में उसने चीन के सरकारी टीवी चैनल (CCTV) को एक प्रायोजित इंटरव्यू दिया था। इसमें उसने गलवान घाटी की घटना के बारे में बताया था। फाबाओ ने कहा था- मैं सरहद पर जाने के लिए फिर तैयार हूं। हम अपनी एक इंच जमीन भी किसी को नहीं देंगे। चीन की सेना ने उसे ब्रेवरी अवॉर्ड भी दिया था। टीवी प्रोग्राम में फाबाओ के साथ चार और सैनिक भी शामिल हुए थे।

 

भारत ने विंटर ओलिंपिक्स के बायकॉट का फैसला उन रिपोर्ट्स के बाद किया है जिनमें बताया गया था कि चीन ने खेलों के टॉर्च रिले में एक ऐसे कमांडर ‘की फाबाओ’ को भी मशाल सौंपी जो 2020 में हुए गलवान घाटी संघर्ष में शामिल था। भारत के अलावा अमेरिका समेत कई देशों ने विंटर ओलिंपिक्स के डिप्लोमैटिक बायकॉट का फैसला किया है। फाबाओ ने बुधवार को टॉर्च रिले में शिरकत की थी। गुरुवार को भारत ने इन खेलों के डिप्लोमैटिक बायकॉट का फैसला किया।

- Advertisement -
Latest news
- Advertisement -
Related news
- Advertisement -