Tuesday, July 23, 2024

NIA ने किया D-कंपनी के प्लान का खुलासा:दाउद ने भारत में हमलों के लिए स्पेशल यूनिट बनाई, दिल्ली और मुंबई में बड़े नेताओं और हस्तियों को बनाया टारगेट

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डी-गैंग की एक साजिश की खबर भारतीय खुफिया एजेंसियों के हाथ लगी है। नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) ने अपनी एफआईआर में इस साजिश का जिक्र किया है। NIA के मुताबिद डी-गैंग के सरगना और भारत के मोस्ट वांटेड आतंकी दाउद ने भारत में हमलों के लिए एक स्पेशल यूनिट बनाई है। जिसके निशाने पर बड़े नेता और हस्तियां हैं।

हिंसा को हवा देना है मकसद
एफआईआर के मुताबिक, दाउद अपनी स्पेशल यूनिट के जरिए भारत में हमले करना चाहता है और उसका फोकस दिल्ली और मुंबई हैं। यहां के बड़े नेता और बड़ी हस्तियां उसके टारगेट हैं। दाउद विस्फोटक और घातक हथियारों से लैस इस यूनिट के जरिए भारत के कई इलाकों में हमले करना चाहता है। जांच एजेंसी के मुताबिक, ये हमलों का मकसद भारत के विभिन्न हिस्सों में हिंसा भड़काना है।

ED की कस्टडी में दाउद का भाई इकबाल कासकर
NIA के खुलासे से एक दिन पहले ही यानी शुक्रवार को ED ने दाउद के भाई इकबाल कासकर को कस्टडी में लिया है। मनी लॉन्ड्रिंग के एक मामले में ED अगले 7 दिन यानी 24 फरवरी तक इकबाल से पूछताछ करेगी। ED ने हाल ही में दाउद और उसके करीबियों के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज किया है। ED के मुताबिक, ये लोग आतंकवादी गतिविधियों की फंडिंग कर रहे हैं।

इकबाल ने गैंगस्टर से रकम मांगी थी
ED के असिस्टेंट डायरेक्टर डीसी नाहक ने बताया कि सितंबर 2017 में एक बिल्डर की शिकायत पर इकबाल कासकर, मुमताज अजाज शेख, इसरार जमील सैय्यद और कुछ अन्य लोगों के खिलाफ वसूली का केस दर्ज किया गया था। एक बिल्डर ने शिकायत में कहा था कि उससे इकबाल और दूसरे लोगों ने वसूली की रकम मांगी थी। 2015 में बिल्डर से एक दलाल ने सैय्यद के साथ मुलाकात की थी। सैय्यद ने कहा था कि वह दाउद का भाई है। उसने इकबाल से भी बिल्डर की बात कराई थी और धमकी दी थी कि अगर उसने वसूली की रकम नहीं दी तो उसे मार दिया जाएगा।

गैलेंट्री अवार्ड पा चुका IPS अधिकारी गिरफ्तार
राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने शुक्रवार को हिमाचल के IPS अधिकारी अरविंद दिग्विजय नेगी को गिरफ्तार किया। नेगी को नवंबर 2021 में एजेंसी की ओर से दर्ज एक OGW नेटवर्क मामले के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया है। ‌‌वे करीब एक साल से एजेंसी के रडार पर था। अरविंद को समूह लश्कर-ए-तैयबा के हुर्रियत टेरर फंडिंग मामले की जांच के लिए 2017 में गैलेंट्री अवार्ड (वीरता पुरस्कार) मिला था।

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