Thursday, July 25, 2024

पाकिस्तानी स्टूडेंट्स भारतीयों का सामान लूट रहे; फायरिंग के डर से बॉर्डर तक पहुंचना मुश्किल

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जंग तो रूस और यूक्रेन के बीच है। मिसाइल और बम के हमले हो रहे हैं। हर किसी को जान बचाने की फिक्र है, लेकिन इन हालात में भी पाकिस्तानी अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहे। रिपोर्ट्स के मुताबिक, यूक्रेन में पाकिस्तानी नागरिक भारतीय छात्रों के साथ लूटपाट कर रहे हैं। पाकिस्तान के अलावा नाइजीरिया के स्टूडेंट्स भी इसी तरह की हरकतें कर रहे हैं।

भारतीय स्टूडेंट्स के लिए सबसे बड़ी मुश्किल यहां से सुरक्षित निकलने की है। दरअसल, भारतीय छात्र एम्बेसी के एक फैसले से परेशान हैं। एम्बेसी कह रही है, अपने रिस्क पर बॉर्डर तक आओ, लेकिन यूक्रेन में कर्फ्यू है और बाहर निकलने वालों को गोली मारने के आदेश हैं। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल ये है कि आखिर ये छात्र बॉर्डर तक कैसे जाएं?

यूक्रेन के कीव शहर में ग्वालियर के पवन सोलंकी अभी भी फंसे हुए हैं। पवन ने बताया कि एम्बेसी स्टूडेंट्स को अपने रिस्क पर रोमानिया, हंगरी या पोलैंड बॉर्डर पर पहुंचने के लिए कह रही है। यहां से सबको एयरलिफ्ट किया जा रहा है। यूक्रेन में कर्फ्यू लगा हुआ है। किसी को भी देखते ही शूट करने के ऑर्डर हैं। पवन के साथ प्रदेश के 6 से 7 स्टूडेंट फंसे हैं।

यूक्रेन में फंसे छात्रों को वापस लाया जा रहा है, पर अभी भी भारी संख्या में छात्र बॉर्डर पर फंसे हुए हैं। इन्हें बॉर्डर नहीं पार करने दिया जा रहा है। इन छात्रों को पाकिस्तानी और नाइजीरियन छात्र टॉर्चर करके सामान भी छीन रहे हैं। सोमवार को यूक्रेन से 27 छात्रों का एक ग्रुप गांधीनगर सर्किट हाउस पहुंचा। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने छात्रों का स्वागत किया। छात्रों ने बताया कि हम बड़ी मुश्किल से रोमानिया पहुंच सके थे। वहां से हमें स्वदेश वापस लाया गया। यूक्रेन के अधिकांश इलाके युद्धग्रस्त हैं, वहां से छात्रों और नागरिकों को निकालना बहुत जरूरी है।

रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध के कारण सूरत की दो छात्राएं रोमानिया बॉर्डर पर पिछले 48 घंटे से फंसी हैं। दोनों छात्राओं के परिजनों ने कलेक्टर से उन्हें सुरक्षित लाने की गुहार लगाई है। यूक्रेन में मेडिकल की पढ़ाई करने गए कई छात्र-छात्राएं अभी वहीं फंसे हैं, जिन्हें लाने की कवायद जारी है। अभी तक सूरत कलेक्ट्रेट में 183 अभिभावक अपने बच्चों के फंसे होने की जानकारी दे चुके हैं।

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