कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले के मुड़ापार स्थित आरजी पेट्रोल पंप में मैनेजर ओमप्रकाश यादव की मौत के मामले में नया मोड़ सामने आया है। पेट्रोल मिश्रित पानी से भरी सिंटेक्स टंकी में मैनेजर के मिलने के बाद अब मानिकपुर पुलिस ने पेट्रोल पंप संचालक के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। मृतक के बेटे करण यादव ने संचालक पर सुरक्षा व्यवस्था में गंभीर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है।
तबीयत बिगड़ने की सूचना पर पेट्रोल पंप पहुंचा था बेटा
जानकारी के अनुसार, 7 सितंबर की शाम ओमप्रकाश यादव की तबीयत बिगड़ने की सूचना उनके बेटे करण को फोन पर मिली। सूचना मिलते ही करण अपनी मां के साथ आरजी पेट्रोल पंप पहुंचा। वहां ओमप्रकाश जमीन पर पड़े मिले।
परिजनों ने तत्काल 108 एंबुलेंस की मदद से उन्हें जिला अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया।
CCTV में टंकी की ओर जाते दिखे मैनेजर
घटना की जांच के दौरान पुलिस ने पेट्रोल पंप के CCTV फुटेज खंगाले। फुटेज में ओमप्रकाश यादव ऑफिस से चाड़ी और गेलन लेकर सिंटेक्स टंकी की ओर जाते हुए दिखाई दिए।
प्रारंभिक जांच में आशंका है कि वह पेट्रोल मिश्रित पानी की जांच करने के लिए टंकी के पास पहुंचे थे। इसी दौरान वह टंकी में गिर गए और डूबने से उनकी मौत हो गई। हालांकि, घटना की वास्तविक परिस्थितियां पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होंगी।
बेटे ने संचालक पर लगाया लापरवाही का आरोप
मृतक के बेटे करण यादव ने पुलिस को दी शिकायत में पेट्रोल पंप संचालक पर ज्वलनशील पदार्थ को पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम के बिना रखने और सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने का आरोप लगाया है।
शिकायतकर्ता के मुताबिक, टंकी के आसपास पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था और सावधानी के इंतजाम होते तो इस तरह की घटना को टाला जा सकता था।
धारा 106 BNS के तहत FIR दर्ज
करण यादव की शिकायत के आधार पर मानिकपुर पुलिस ने पेट्रोल पंप संचालक के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 106 के तहत मामला दर्ज किया है।
पुलिस घटनास्थल का निरीक्षण करने के साथ ही CCTV फुटेज, परिस्थितिजन्य साक्ष्य और अन्य तथ्यों की जांच कर रही है। जांच के आधार पर मौत की परिस्थितियों और कथित लापरवाही की जिम्मेदारी तय की जाएगी।
जांच के बाद सामने आएगी मौत की पूरी तस्वीर
फिलहाल पुलिस मामले की सभी पहलुओं से जांच कर रही है। CCTV फुटेज और घटनास्थल से मिले साक्ष्यों के आधार पर यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि ओमप्रकाश टंकी तक कैसे पहुंचे और उनकी मौत किन परिस्थितियों में हुई।
पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि घटना में किसकी कितनी जिम्मेदारी थी और सुरक्षा में कथित लापरवाही की वास्तविक स्थिति क्या रही।




