मामले का विवरण इस प्रकार है कि प्रार्थिया दिलेश्वरी यादव द्वारा रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि दिनांक 23.03.26 को सुबह 10:00 बजे सपरिवार घर में थे तभी घर के सामने बाहर में लड़ाई झगडा की आवाज आया और अश्लील गाली गलौच कर रहे थे, तब प्रार्थिया गेट के पास जाकर देखी तो इनके गांव के शैलेन्द्र साहू, राजकुमार धीवर, अंशु पटेल एवं उनके अन्य साथीगण थे तभी इनके जेठ गुलशन श्रीवास छत के उपर से गाली गलौच करने से मना किया तभी वे सभी एक राय होकर गाली गलौच कर रहे थे तभी छत से नीचे उतर और बाहर आ आज तुझे बताते है कहकर धमकी देने लगे तभी इनके जेठ एवं इनके पति घर के गेट से बाहर निकले तब वे लोग मना करने वाले तुम कौन होते हो हम लोग किसी को भी गाली गलौच करे कुछ भी कहकर गाली गलौच देते हुये हाथ मुक्का से मारपीट करने लगे जिसे डरकर इनके जेठ गुलशन एवं इनके पति हिमांशु श्रीवास घर अंदर आ गये वे लोग गाली गलौच करते चले गये कुछ देर बाद पुनः सभी एक राय होकर बेल्ट, ईट, डण्डा लेकर तैयारी के साथ घर के पास आकर दरवाजा को धक्का देते हुये घर अंदर घुसकर पति हिमांशु श्रीवास, जेठ गुलशन श्रीवास को बाहर निकलो कहकर गाली गलौच कर मारपीट किये तथा घर में लगे सीसीटीवी कैमरा को तोड़ कर क्षतिग्रस्त कर दिये जिसकी सूचना रिपोर्ट पर थाना पामगढ़ में अपराध क्रमांक 130/2026 धारा 296, 351(2),115 (2), 191(3),333, 324(2) भारतीय न्याय संहिता पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया था।
प्रकरण के आरोपी पंकज कश्यप जो घटना घटित कर फरार हो गया था जिसकी थाना पामगढ़ पुलिस द्वारा लगातार पातासाजी की जा रही थी। जिसको मुखबिर सूचना से पकड़ा कर घटना के संबंध में पूछताछ करने पर जुर्म स्वीकार किये जाने से विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया।
उपरोक्त कार्यवाही में निरीक्षक सावन सारथी थाना प्रभारी पामगढ़ , सउनि सरोज पाटले, आरक्षक भुवनेश्वर पटेल, श्याम ओगरे, लक्ष्मीकांत थाना पामगढ़ का सराहनीय योगदान रहा।


