कोरबा नगरवासियों के लिए यह अत्यंत हर्ष और सौभाग्य का विषय है कि देवभूमि कोरबा में पहली बार देशभर के पाँच प्रमुख शक्तिपीठों से लाए जा रहे पावन ज्योत कलश का आगमन होने जा रहा है जिसके दुर्लभ दर्शन नगरवासियो को होगा।
गौमुखी सेवाधाम देवपहरी (कोरबा) में हिंगलाजगढ़ निर्माणाधीन मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा हेतु भारत के पाँचों शक्तिपीठों उत्तर में जम्मू-कश्मीर स्थित माँ वैष्णो देवी, दक्षिण में कांचीपुरम स्थित माँ कामाक्षी देवी, पूर्व में असम स्थित माँ कामाख्या देवी, पश्चिम में पावागढ़ (गुजरात) स्थित माँ कालिका देवी तथा बलूचिस्तान स्थित माँ हिंगलाज भवानी से विशेष रूप से यह ज्योत कलश कोरबा लाए जा रहे हैं जिसका विधिवत पूजन-अर्चन कर देवपहरी में स्थापना की जाएगी।
20 सितम्बर 2025, दिन शनिवार को इन पाँचों शक्तिपीठों से आने वाले ज्योत कलश सायं 5 बजे श्री सप्तदेव मंदिर (कोरबा) पहुँचेगीे, जहाँ नगरवासियों को इसके दर्शन करने का सौभाग्य प्राप्त होगा। यह अवसर पूरे नगर के लिए धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से ऐतिहासिक होगा।
श्री सप्तदेव मंदिर के प्रमुख ट्रस्टी अशोक मोदी ने समस्त भक्तजनों एवं नगरवासियों से सविनय आग्रह किया है कि वे इस पुण्य अवसर पर अधिक से अधिक संख्या में मंदिर पहुँचकर ज्योत कलश का दर्शन करें और पुण्यलाभ प्राप्त करें। मोदी जी ने बताया कि 20 सितम्बर की संध्या को मंदिर में विशेष भजन-कीर्तन एवं जसगीत का आयोजन होगा, जो रात्रि 8.30 बजे से 10.30 बजे तक होगा।श्रद्धालुजन इसमें सम्मिलित होकर आध्यात्मिक आनंद की अनुभूति करेंगे।
कार्यक्रम की रूपरेखा के अनुसार, 21 सितम्बर 2025, दिन रविवार को प्रातः 9.30 बजे ज्योत कलश यात्रा श्री सप्तदेव मंदिर से देवपहरी के लिए प्रस्थान करेगी। इस यात्रा को पारंपरिक ढंग से बाजे-गाजे, ढोल-नगाड़ों और भजन-कीर्तन के साथ रवाना किया जाएगा। मंदिर ट्रस्ट ने इस अवसर पर भी भक्तों से भारी संख्या में उपस्थित होकर इस दिव्य यात्रा का हिस्सा बनने का आग्रह किया है
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