Friday, February 20, 2026

श्री सप्तदेव मंदिर में पहुँचे पाँच शक्तिपीठों के पावन ज्योत कलश, दो नेत्रों से पाँच शक्तिपीठ ज्योत कलश का हुआ दर्शन

कोरबा, — देवभूमि कोरबा की पावन धरती शनिवार को ऐतिहासिक और दिव्य दृश्य की साक्षी बनी जब देशभर के सात प्रमुख शक्तिपीठों में से पाँच शक्तिपीठों — उत्तर से माँ वैष्णो देवी धाम (जम्मू-कश्मीर), दक्षिण से माँ कामाक्षी देवी (कांचीपुरम, तमिलनाडु), पूर्व से माँ कामाख्या देवी (असम), पश्चिम से माँ कालिका देवी (पावागढ़, गुजरात) तथा मध्य भारत से माँ शारदा भवानी धाम (मैहर, सतना, मध्यप्रदेश) — से लाए गए पावन ज्योत कलश का श्री सप्तदेव मंदिर परिसर में भव्य स्वागत किया गया।

हजारों की संख्या में उपस्थित भक्तजनों एवं नगरवासियों ने इस अद्भुत और अलौकिक दृश्य का दर्शन कर स्वयं को धन्य माना। पाँचों शक्तिपीठों की ज्योत कलश का एक ही स्थान पर दर्शन करना श्रद्धालुओं के लिए एक अविस्मरणीय और दुर्लभ अवसर सिद्ध हुआ।

मंदिर के प्रमुख ट्रस्टी एवं समाजसेवी श्री अशोक मोदी ने कहा कि —
“कोरबा नगरवासियों के लिए यह दृश्य किसी सौभाग्य से कम नहीं है। माँ श्री राणीसती दादी जी की असीम कृपा से मंदिर निर्माण के उपरांत अनेक चमत्कार घटित हुए हैं। पाँचों शक्तिपीठों से ज्योत कलश का कोरबा आगमन भी दादी जी की कृपा से ही संभव हो सका है।”

उन्होंने आगे कहा कि बहुत ही कम लोग भाग्यशाली होते हैं जिन्हें जीवन में इन पाँचों शक्तिपीठों के एक साथ दर्शन प्राप्त होते हैं, किंतु श्री सप्तदेव मंदिर में हुए इस आयोजन ने प्रत्येक भक्त को सहज ही इस दुर्लभ सौभाग्य का भागीदार बना दिया।

दिनांक 20 सितम्बर, शनिवार की संध्या 6 बजे मंदिर प्रांगण में विधिवत पूजन और आरती के पश्चात इन पाँचों ज्योत कलशों को माँ श्री राणीसती दादी के मंडप पर स्थापित किया गया। मंदिर के नवनिर्माण के पश्चात यह पहला अवसर था जब पाँचों शक्तिपीठों की ज्योत कलश एक साथ स्थापित हुईं, जिसे श्रद्धालुओं ने अद्भुत और चमत्कारी बताया।

अगले दिन, रविवार 21 सितम्बर की प्रातः विशेष अनुष्ठान और पूजा-अर्चना के उपरांत इन ज्योत कलशों को देवपहरी हेतु प्रस्थान कराया गया, जहाँ निर्माणाधीन हिंगलाज मंदिर में इनकी स्थापना की जाएगी।

इस दिव्य अवसर पर श्री सप्तदेव मंदिर महिला मंडल समिति, श्री सप्तदेव मंदिर ट्रस्ट परिवार, कृष्णा ग्रुप, छ.ग. प्रांतीय अग्रवाल संगठन, अग्रवाल महिला मंडल समिति, विश्व हिन्दू परिषद, बजरंग दल, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, गौ सेवा धाम समिति देवपहरी सहित अनेक धार्मिक एवं सामाजिक संस्थाओं के कार्यकर्ताओं ने सहयोग प्रदान किया।

- Advertisement -
Latest news
- Advertisement -
Related news
- Advertisement -