Israel-US joint operation तेहरान/वॉशिंगटन — पश्चिम एशिया (मिडल ईस्ट) में आज सुबह इतिहास का सबसे बड़ा उलटफेर हुआ है। ईरान के सर्वोच्च नेता **अयातुल्ला अली खामेनेई** की अमेरिका और इजराइल के एक साझा हवाई हमले में मौत हो गई है। ईरानी सरकारी मीडिया और समाचार एजेंसी फार्स ने रविवार सुबह इस खबर की पुष्टि की। हमले के दौरान खामेनेई के परिवार के कई सदस्य, जिनमें उनकी **बेटी, दामाद, बहू और पोती** शामिल हैं, भी मारे गए हैं। ईरान सरकार ने देश में 40 दिनों के राजकीय शोक और 7 दिनों की सार्वजनिक छुट्टी का ऐलान कर दिया है।
ऑपरेशन ‘एपिक फ्यूरी’: खामेनेई के ऑफिस पर सीधी स्ट्राइक
अमेरिकी राष्ट्रपति **डोनाल्ड ट्रम्प** ने इस सैन्य कार्रवाई को ‘न्याय’ करार दिया है। शनिवार देर रात शुरू हुए इस साझा अभियान को **’ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’** नाम दिया गया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इजरायली वायुसेना और अमेरिकी लंबी दूरी के बमवर्षक विमानों ने तेहरान स्थित खामेनेई के आधिकारिक आवास और कार्यालय को निशाना बनाया। हमले के समय खामेनेई अपने परिवार और उच्च स्तरीय सैन्य कमांडरों के साथ एक बैठक कर रहे थे। ट्रम्प ने सोशल मीडिया पर लिखा कि खामेनेई हमारी खुफिया प्रणालियों से बच नहीं सका और अब ईरान के लोगों के पास अपनी आजादी वापस पाने का सबसे बड़ा मौका है।
IRGC की चेतावनी: “थोड़ी देर में शुरू होगा खतरनाक हमला”
सुप्रीम लीडर की मौत के बाद ईरान की **इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC)** ने जवाबी कार्रवाई का बिगुल फूंक दिया है। IRGC ने अपने बयान में कहा है कि उन्होंने एक महान नेता खोया है और इसका बदला “इतिहास के सबसे खतरनाक हमले” के रूप में लिया जाएगा।
“हमने अपने इमाम को खो दिया है, लेकिन हमारी ताकत खत्म नहीं हुई है। कुछ ही पलों में क्षेत्र के कब्जे वाले इलाकों और अमेरिकी आतंकवादी ठिकानों पर कहर बरपेगा। हमारी उंगलियां ट्रिगर पर हैं।”
— IRGC प्रवक्ता, आधिकारिक बयान
इस हमले के बाद पूरी दुनिया में हाई अलर्ट है। **भारत** समेत कई देशों ने अपने नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी की है। खाड़ी देशों के ऊपर से उड़ने वाली सैकड़ों उड़ानें रद्द कर दी गई हैं। तेहरान की सड़कों पर सन्नाटा पसरा है, जबकि शहर के कुछ हिस्सों में धुएं के गुबार देखे जा सकते हैं।
- कच्चे तेल की कीमतें: वैश्विक बाजार में कच्चे तेल के दाम 15% तक उछल गए हैं।
- सैन्य तैनाती: भूमध्य सागर और फारस की खाड़ी में अमेरिकी युद्धपोतों ने मोर्चा संभाल लिया है।
- सुरक्षा: दिल्ली और मुंबई जैसे बड़े शहरों में ईरानी दूतावासों के बाहर सुरक्षा बढ़ा दी गई है।



