Naxal News , सुकमा — छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में सुरक्षा बलों ने नक्सलियों के खिलाफ एक बड़ी जीत दर्ज की है। शनिवार को सीआरपीएफ की 226 बटालियन ने एक सटीक सूचना के आधार पर गोमगुड़ा क्षेत्र के पोडियमपारा में एंबुश ऑपरेशन को अंजाम दिया। जवानों ने जंगल के बीच छिपे नक्सलियों के एक रणनीतिक डंप साइट को खोज निकाला और वहां मौजूद घातक सामग्री को अपने कब्जे में ले लिया।
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सर्जिकल स्ट्राइक: नक्सलियों का लॉजिस्टिक नेटवर्क टूटा
सर्चिंग के दौरान जवानों ने मौके से करीब 18 किलो अमोनियम नाइट्रेट बरामद किया। यह विस्फोटक किसी भी बड़े आईईडी (IED) हमले को अंजाम देने के लिए पर्याप्त था। इसके अलावा, जवानों ने नक्सलियों की दैनिक उपयोग की सामग्री भी जब्त की है। बरामद सामान की लिस्ट इस प्रकार है:
- 18 किलो अमोनियम नाइट्रेट (विस्फोटक)।
- नक्शा और ऑपरेशनल चार्ट (रणनीति बनाने के लिए)।
- बड़ी मात्रा में तिरपाल और स्लीपिंग बैग।
- पिट्ठू और अन्य लॉजिस्टिक सामान।
जवानों की इस चौकसी ने नक्सलियों के उन मंसूबों पर पानी फेर दिया है, जिसके तहत वे किसी बड़े हमले या कैंप स्थापना की तैयारी में थे। अधिकारियों ने पुष्टि की है कि यह डंप साइट नक्सलियों के कोर नेटवर्क का हिस्सा थी।
“सीआरपीएफ की 226 बटालियन की सक्रियता से एक संभावित बड़ा खतरा टल गया है। बरामद विस्फोटक और नक्शों से साफ है कि नक्सली किसी बड़ी गतिविधि की फिराक में थे। हमारे जवानों ने उनके सप्लाई चेन और ठिकाने को ध्वस्त कर दिया है।”
— सुरक्षा अधिकारी (नक्सल विरोधी अभियान)
सुकमा के इस इलाके में नक्सलियों के डंप का मिलना यह दर्शाता है कि सुरक्षा बलों का दबाव अब उनके सुरक्षित ठिकानों तक पहुँच रहा है। 18 किलो विस्फोटक का हाथ से निकलना नक्सलियों के लिए एक बड़ा तकनीकी और सामरिक नुकसान है। आने वाले दिनों में सुरक्षा बल इस क्षेत्र में ‘कॉम्बिंग ऑपरेशन’ और तेज करेंगे ताकि बचे हुए कैडरों को घेरा जा सके। इस बरामदगी के बाद गोमगुड़ा और आसपास के क्षेत्रों में अलर्ट जारी कर दिया गया है।


