Vijay TVK BJP Alliance : पवन कल्याण की मध्यस्थता? विजय और बीजेपी के बीच गठबंधन की बातचीत अंतिम दौर में

Vijay TVK BJP Alliance , चेन्नई/नई दिल्ली — तमिलनाडु की सियासी पिच पर इस वक्त सबसे बड़ा ‘पावर प्ले’ चल रहा है। अभिनेता से नेता बने थलापति विजय की पार्टी तमिलगा वेट्टी कड़गम (TVK) को लेकर दिल्ली के गलियारों में चर्चाएं गर्म हैं। सूत्रों की मानें तो देश की सबसे बड़ी पार्टी (BJP) ने विजय को एक ऐसा ऑफर दिया है, जिसने द्रविड़ राजनीति के स्थापित धुरंधरों की नींद उड़ा दी है। विधानसभा चुनाव 2026 के लिए विजय को 80 सीटों के साथ-साथ सरकार बनने पर उपमुख्यमंत्री पद की पेशकश की गई है।

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सियासी समीकरण: 2% वोट का खेल और ‘पवन कल्याण’ मॉडल

तमिलनाडु का चुनावी इतिहास गवाह है कि यहां जीत और हार का फासला अक्सर महज 2 से 3 प्रतिशत वोटों का होता है। बीजेपी के रणनीतिकारों को पता है कि विजय की विशाल फैन फॉलोइंग इस अंतर को आसानी से पाट सकती है। चर्चा यह भी है कि आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण इस गठबंधन के लिए मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे हैं।

हालांकि, विजय के खेमे में अभी ‘वेट एंड वॉच’ की स्थिति है। उनके कुछ करीबी सलाहकारों का मानना है कि इतनी जल्दी किसी राष्ट्रीय गठबंधन का हिस्सा बनने से उनकी ‘स्वतंत्र छवि’ को नुकसान पहुंच सकता है। विजय ने अपनी पार्टी को राज्य में एक ‘शुद्ध शक्ति’ (Pure Force) के रूप में पेश किया है, जो DMK और AIADMK दोनों के खिलाफ है।

“आयोग और एजेंसियां अपना काम कर रही हैं, लेकिन जहां तक गठबंधन का सवाल है, बीजेपी तमिलनाडु में एक मजबूत विकल्प बनना चाहती है। विजय के पास युवाओं का समर्थन है और यह राज्य के भविष्य के लिए निर्णायक हो सकता है।”
— बीजेपी के एक वरिष्ठ रणनीतिकार (नाम न छापने की शर्त पर)

“हमारी विचारधारा स्पष्ट है। बीजेपी हमारी ‘वैचारिक दुश्मन’ है और DMK हमारी ‘राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी’। गठबंधन की खबरें केवल ध्यान भटकाने के लिए फैलाई जा रही हैं।”
— सी.टी.आर. निर्मल कुमार, संयुक्त महासचिव, TVK

विजय के लिए यह सौदा ‘दोधारी तलवार’ जैसा है। एक तरफ 80 सीटें और डिप्टी CM का पद उन्हें सत्ता के करीब लाता है, वहीं दूसरी तरफ उनकी पार्टी का मुख्यमंत्री पद का सपना कमजोर पड़ सकता है। विजय जानते हैं कि तमिलनाडु में ‘अकेला चलो’ की नीति जोखिम भरी है, लेकिन ‘बीजेपी का साथ’ लेना भी वहां की क्षेत्रीय राजनीति में एक बड़ा जुआ है। अगले 48 घंटे बेहद महत्वपूर्ण हैं। यदि विजय दिल्ली में आलाकमान से मुलाकात करते हैं, तो तमिलनाडु का यह ‘महामुकाबला’ त्रिकोणीय से बदलकर एक तरफा भी हो सकता है।

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