- बड़ा एक्शन: ईडी (ED) की चार्जशीट में शामिल 29 आबकारी अफसरों की गिरफ्तारी का रास्ता साफ।
- हस्ताक्षर: विभागीय मंत्री ने एक महीने से अटकी फाइल को दी मंजूरी।
- कबूलनामा: अधिकारियों ने माना कि उन्हें शराब सिंडिकेट से हर महीने ‘फिक्स’ रकम मिलती थी।
CG Liquor Scam News , रायपुर — छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले में अब सबसे बड़ा प्रहार होने जा रहा है। मंत्रालय ने आबकारी विभाग के 29 अधिकारियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई और गिरफ्तारी की हरी झंडी दे दी है। विभागीय मंत्री ने फाइलों के ढेरों के बीच दबी उस रिपोर्ट पर हस्ताक्षर कर दिए हैं, जिसमें इन अधिकारियों की भूमिका को संदिग्ध पाया गया था। फिलहाल, ये सभी अधिकारी निलंबित हैं और अब इनकी सलाखों के पीछे जाने की बारी है।
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सूत्रों के मुताबिक, इन भ्रष्ट अधिकारियों को बचाने के लिए रसूखदार लोगों ने एड़ी-चोटी का जोर लगा दिया था। पिछले एक महीने से फाइल मंत्रालय के गलियारों में घूम रही थी। लेकिन ED की चार्जशीट और सबूतों के बोझ के आगे रसूख फीका पड़ गया। विभागीय मंत्री ने फाइल हाथ में आते ही बिना किसी देरी के मंजूरी दे दी और अब यह दस्तावेज़ वापस प्रवर्तन निदेशालय (ED) के पास पहुंच चुका है।
“जांच में किसी भी स्तर पर समझौता नहीं होगा। अधिकारियों ने खुद स्वीकार किया है कि वे सिंडिकेट का हिस्सा थे। अब उन्हें कानून का सामना करना ही होगा।” — मंत्रालय सूत्र
जांच के दौरान जो तथ्य सामने आए हैं, वे चौंकाने वाले हैं। पूछताछ में कई अफसरों ने खुद यह माना कि वे शराब सिंडिकेट के सक्रिय खिलाड़ी थे। उन्हें हर महीने एक तयशुदा मोटी रकम पहुंचाई जाती थी। यह केवल भ्रष्टाचार नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम को हाईजैक करने का प्रयास था। ईडी ने अपनी चार्जशीट में इन अधिकारियों के वित्तीय लेन-देन और भूमिका का विस्तार से कच्चा चिट्ठा तैयार किया है। इन 29 गिरफ्तारियों के बाद आबकारी विभाग में बड़े पैमाने पर फेरबदल की संभावना है। यह कार्रवाई उन लोगों के लिए कड़ा संदेश है जो सरकारी कुर्सी का उपयोग निजी तिजोरी भरने के लिए करते हैं।


