रायपुर: छत्तीसगढ़ कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट ने मुख्यमंत्री के उस बयान पर कड़ा पलटवार किया है, जिसमें उन्होंने कांग्रेस को मुद्दाविहीन बताया था। रायपुर पहुंचे पायलट ने कहा कि सरकार जनता की आंखों में धूल झोंकना बंद करे, क्योंकि धरातल पर बेरोजगारी, महंगाई और किसानों की बदहाली जैसे बड़े मुद्दे आज भी मौजूद हैं।
प्रमुख बिंदु: पायलट के संबोधन की बड़ी बातें
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ऐतिहासिक बेरोजगारी: पायलट ने केंद्र और राज्य की बीजेपी सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि आज देश का नौजवान ऐतिहासिक बेरोजगारी का सामना कर रहा है। सरकारी पदों पर भर्तियां नहीं हो रही हैं और युवा हताश है।
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किसानों की अनदेखी: उन्होंने आरोप लगाया कि छत्तीसगढ़ के किसान अपने धान का वाजिब दाम पाने के लिए आज भी संघर्ष कर रहे हैं। सरकार केवल विज्ञापनों में विकास दिखा रही है।
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LPG और ईंधन का संकट: मिडिल ईस्ट (पश्चिम एशिया) के तनाव और स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज (Strait of Hormuz) में आपूर्ति बाधित होने का जिक्र करते हुए पायलट ने कहा कि देश में LPG की भारी किल्लत शुरू हो गई है। उन्होंने कालाबाजारी की शिकायतों पर चिंता जताई और आने वाले दिनों में तेल की कीमतों में भारी उछाल की आशंका व्यक्त की।
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अफीम और नशे का मुद्दा: पायलट ने प्रदेश में बढ़ रहे नशे के जाल और अफीम जैसे नशीले पदार्थों की अवैध सप्लाई को लेकर भी चिंता जताई, जिसे उन्होंने युवाओं के भविष्य के लिए घातक बताया।
‘मुद्दे हम नहीं, जनता तय करेगी’
मुख्यमंत्री के ‘कांग्रेस के पास मुद्दा नहीं’ वाले बयान पर तंज कसते हुए पायलट ने कहा:
“सत्ता के अहंकार में डूबी सरकार को जनता की तकलीफें दिखाई नहीं दे रही हैं। मुद्दे हम नहीं, बल्कि वे किसान तय करेंगे जिन्हें खाद-बीज के लिए भटकना पड़ रहा है, और वे नौजवान तय करेंगे जो डिग्रियां लेकर सड़कों पर घूम रहे हैं। कांग्रेस जनता के इन हक की लड़ाइयों को विधानसभा से लेकर सड़क तक लड़ेगी।”
कांग्रेस का ‘असेंबली घेराव’ और आगामी रणनीति
बता दें कि सचिन पायलट और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में कांग्रेस ने 17 मार्च को रायपुर में विधानसभा का विशाल घेराव किया। इसमें मनरेगा (MGNREGA) के नाम बदलने, सिलेंडर की कीमतों और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों को लेकर करीब 30,000 से अधिक कार्यकर्ताओं ने अपनी ताकत दिखाई।
प्रशासनिक प्रतिक्रिया
पायलट के बयानों के बीच, छत्तीसगढ़ सरकार ने दावा किया है कि राज्य में पेट्रोल, डीजल और घरेलू गैस का पर्याप्त भंडार है। खाद्य विभाग ने उपभोक्ताओं को घबराने (Panic buying) से बचने की सलाह दी है और कालाबाजारी रोकने के लिए हेल्पलाइन नंबर (1800-233-3663) भी जारी किया है।


