सोशल मीडिया की दोस्ती, धोखे का वीडियो कॉल
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, आरोपी और पीड़िता की मुलाकात कुछ समय पहले सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर हुई थी। धीरे-धीरे दोस्ती गहरी हुई और वे अक्सर वीडियो कॉल पर बात करने लगे। आरोपी ने इस विश्वास का फायदा उठाया। एक वीडियो कॉल के दौरान, उसने किशोरी को बहला-फुसलाकर आपत्तिजनक स्थिति में आने को कहा और चुपके से स्क्रीन रिकॉर्डिंग कर ली। आप उस धोखे की गहराई महसूस कर सकते हैं; वह दोस्ती का ढोंग कर एक गहरी साज़िश रच रहा था। वीडियो रिकॉर्ड करने के बाद आरोपी ने अपना असली रंग दिखाया और किशोरी को ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया।
₹20 हजार का दबाव, सहमी किशोरी पहुँची थाने
आरोपी ने किशोरी को धमकी दी कि यदि उसने उसे ₹20,000 नहीं दिए, तो वह उस अश्लील वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल कर देगा। इस धमकी से सहमी नाबालिग ने किसी तरह हिम्मत जुटाई और अपने परिजनों को आपबीती सुनाई। परिजनों के साथ वह अर्जुन्दा थाने पहुँची और आरोपी के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई। आप पुलिस स्टेशन में उस तनाव और डर को महसूस कर सकते हैं; एक नाबालिग लड़की अपनी गरिमा को बचाने के लिए इंसाफ मांग रही है। पुलिस ने आईटी एक्ट और ब्लैकमेलिंग की संबंधित धाराओं के तहत एफ़आईआर दर्ज कर ली है और आरोपी की तलाश की जा रही है।
इस घटना ने सोशल मीडिया पर नाबालिगों की सुरक्षा और साइबर सुरक्षा (Cyber Security) के दावों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। रफ़्तार से बढ़ती इस डिजिटल दुनिया में, दोस्ती और धोखे के बीच की लकीर बहुत धुंधली हो गई है। क्या हम अपने बच्चों को इन डिजिटल शिकारियों से बचाने के लिए पर्याप्त कदम उठा रहे हैं? यह सवाल अब हर किसी के ज़हन में है। अर्जुन्दा पुलिस अब आरोपी युवक के डिजिटल फुटप्रिंट्स की जांच कर रही है और उसे पकड़ने के लिए साइबर सेल की मदद ले रही है। आने वाले दिनों में, हम पुलिस द्वारा सोशल मीडिया ब्लैकमेलिंग के खिलाफ जागरूकता अभियान चलाने की उम्मीद कर सकते हैं, क्योंकि स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। अब सबकी नज़रें पुलिस की कार्रवाई और आरोपी की गिरफ्तारी पर टिकी हैं; क्या प्रशासन वाकई सोशल मीडिया को सुरक्षित बना पाएगा?


