“SBI के साथ हाथ मिलाया, भुगतान हुआ आसान”
पोर्टल पर ऑनलाइन भुगतान की सुविधा इसके शुरूआती दिनों से ही थी, लेकिन 2023 में एक बड़ा मोड़ आया जब इसे स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के पेमेंट गेटवे के साथ एकीकृत किया गया. इसके बाद यूपीआई भुगतान प्रणाली को जोड़ा गया, जिसने गेम की पूरी तस्वीर बदल दी. अब नागरिक Google Pay, PhonePe या किसी भी अन्य UPI ऐप का इस्तेमाल करके सुरक्षित तरीके से भुगतान कर सकते हैं. हाथ में फोन और चंद क्लिक्स — बस इतना ही लगता है अब सूचना मांगने में |
डिजिटल इंडिया के इस दौर में, छत्तीसगढ़ का यह पोर्टल अब अन्य राज्यों के लिए भी एक मिसाल पेश कर रहा है. “सिस्टम ऐसा होना चाहिए जो जनता के लिए काम करे, न कि जनता सिस्टम के लिए,” रायपुर के एक स्थानीय आरटीआई कार्यकर्ता ने अपनी राय साझा की. वास्तव में, इस पोर्टल ने सरकारी दफ्तरों की जटिलता को कम कर दिया है|
तेज और सुरक्षित: भ्रष्टाचार पर डिजिटल चोट
इस नई प्रणाली का सबसे बड़ा फायदा इसकी रफ्तार है. जैसे ही आप भुगतान करते हैं, आपको तुरंत रसीद और आवेदन संख्या प्राप्त हो जाती है. मैनुअल प्रोसेस में होने वाली देरी अब इतिहास का हिस्सा बन गई है. इसके अलावा, यह प्रणाली पूरी तरह सुरक्षित है, जिससे डेटा चोरी या भुगतान विफल होने की गुंजाइश न के बराबर है. 2026 के आंकड़ों के अनुसार, यूपीआई के जरिए भुगतान करने वाले आवेदकों की संख्या में 60% की भारी वृद्धि देखी गई है|
“यूपीआई भुगतान को पोर्टल से जोड़ना हमारे लिए एक मील का पत्थर है. इससे न केवल पारदर्शिता बढ़ी है, बल्कि युवाओं और तकनीक-प्रेमी नागरिकों की भागीदारी भी कई गुना बढ़ गई है. हमारा लक्ष्य सरकारी सेवाओं को हर हाथ तक पहुंचाना है.”
— सूचना अधिकारी, छत्तीसगढ़ राज्य


