NH-30 Four-Lane Project , भोपाल — जबलपुर–मंडला–चिल्पी NH-30 फोरलेन परियोजना अब तेजी से आगे बढ़ रही है। मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ के बीच सड़क कनेक्टिविटी मजबूत करने के लिए इस बड़े प्रोजेक्ट की DPR तैयार की जा रही है। सड़क परिवहन से जुड़े अधिकारियों के मुताबिक, इस परियोजना के पूरा होने के बाद दोनों राज्यों के बीच यात्रा तेज, सुरक्षित और ज्यादा सुविधाजनक हो जाएगी।
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फोरलेन सड़क से बदलेगा सफर का अनुभव
अभी जबलपुर से मंडला और आगे चिल्पी की तरफ जाने वाले मार्ग पर कई हिस्सों में भारी वाहनों का दबाव रहता है। बारिश के मौसम में हालात और मुश्किल हो जाते हैं। लंबे जाम, ओवरटेकिंग का खतरा और खराब सड़कें यात्रियों की परेशानी बढ़ाती हैं। अब तस्वीर बदलने की तैयारी है।
प्रस्तावित फोरलेन परियोजना में आधुनिक इंजीनियरिंग तकनीकों का इस्तेमाल किया जाएगा। सड़क चौड़ी होने से माल परिवहन तेज होगा। ट्रकों की लंबी कतारें कम होंगी। बस और निजी वाहन चालकों को राहत मिलेगी। हाईवे पर सफर के दौरान लगने वाला समय भी घट सकता है। इस परियोजना का एक बड़ा हिस्सा वन क्षेत्र से जुड़ा है। ऐसे में वन्यजीव संरक्षण को ध्यान में रखकर डिजाइन तैयार किया जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक, कुछ हिस्सों में अंडरपास और सुरक्षित क्रॉसिंग की व्यवस्था भी शामिल हो सकती है ताकि वन्यजीवों की आवाजाही प्रभावित न हो।
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व्यापार और पर्यटन को मिलेगा फायदा
सड़क कनेक्टिविटी मजबूत होने का असर सिर्फ यात्रा तक सीमित नहीं रहेगा। मंडला और आसपास के इलाकों में पर्यटन गतिविधियों को भी नई गति मिल सकती है। कान्हा क्षेत्र की तरफ जाने वाले पर्यटकों को बेहतर सड़क सुविधा मिलेगी। दूसरी तरफ छत्तीसगढ़ के व्यापारिक मार्गों को भी फायदा होगा।
स्थानीय कारोबारियों का मानना है कि तेज सड़क नेटवर्क बनने से कृषि उत्पाद, वन उपज और औद्योगिक सामान की ढुलाई आसान होगी। कई छोटे कस्बों में होटल, ढाबा और ट्रांसपोर्ट से जुड़े रोजगार भी बढ़ सकते हैं।एक स्थानीय ट्रांसपोर्टर ने कहा, “अभी कई बार सफर में घंटों लग जाते हैं। अगर सड़क फोरलेन बनती है तो डीजल की बचत होगी और समय भी कम लगेगा।



