CG Industrial Accident : रायपुर। छत्तीसगढ़ के रायपुर जिले के धरसींवा विधानसभा क्षेत्र स्थित औद्योगिक क्षेत्र से एक बार फिर दर्दनाक हादसे की खबर सामने आई है। जरौदा स्थित नूतन इस्पात फैक्ट्री में काम के दौरान करंट लगने से एक मजदूर की मौत हो गई, जबकि दो अन्य मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों का इलाज अस्पताल में जारी है। घटना के बाद मृतक के परिजन और ग्रामीण फैक्ट्री प्रबंधन के खिलाफ आक्रोशित हो गए और उचित मुआवजे तथा जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग को लेकर धरने पर बैठ गए।
इस हादसे ने एक बार फिर औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा मानकों और श्रमिकों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
काम के दौरान हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार, नूतन इस्पात फैक्ट्री में तीन मजदूर नियमित कार्य कर रहे थे। इसी दौरान वे अचानक करंट की चपेट में आ गए। हादसा इतना गंभीर था कि तीनों मजदूर मौके पर ही गंभीर रूप से झुलस गए।
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फैक्ट्री प्रबंधन और अन्य कर्मचारियों ने तत्काल तीनों को नजदीकी निजी अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने अनिल यादव का इलाज के दौरान मृत घोषित कर दिया। वहीं दो अन्य घायल मजदूरों का उपचार जारी है और उनकी स्थिति पर चिकित्सकों की लगातार नजर बनी हुई है।
मुआवजे की मांग को लेकर धरने पर बैठे परिजन
मजदूर की मौत की सूचना मिलते ही परिजन और बड़ी संख्या में ग्रामीण अस्पताल और फैक्ट्री परिसर के बाहर एकत्र हो गए। उन्होंने मृतक के परिवार को उचित आर्थिक सहायता, परिवार के एक सदस्य को रोजगार तथा हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होंगी, तब तक वे धरना समाप्त नहीं करेंगे। मौके पर पुलिस और प्रशासन के अधिकारी भी पहुंचे और लोगों को समझाने का प्रयास किया।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
स्थानीय लोगों का आरोप है कि औद्योगिक इकाइयों में श्रमिकों की सुरक्षा को लेकर पर्याप्त इंतजाम नहीं किए जाते। उनका कहना है कि यदि कार्यस्थल पर सभी सुरक्षा मानकों का पालन किया जाता, तो इस तरह की दुर्घटना को रोका जा सकता था।
हालांकि, हादसा किन परिस्थितियों में हुआ और क्या सुरक्षा नियमों का पालन किया जा रहा था, इसकी पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
प्रशासन ने शुरू की जांच
घटना की जानकारी मिलने के बाद संबंधित विभाग और पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारी घटनास्थल का निरीक्षण कर हादसे के कारणों का पता लगाने में जुटे हैं। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि फैक्ट्री में विद्युत सुरक्षा और श्रम सुरक्षा से जुड़े नियमों का पालन किया जा रहा था या नहीं।
यदि जांच में किसी प्रकार की लापरवाही सामने आती है, तो संबंधित प्रबंधन या जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
धरसींवा क्षेत्र में बड़ी संख्या में औद्योगिक इकाइयां संचालित हैं और समय-समय पर ऐसे हादसे सामने आते रहे हैं। श्रमिक संगठनों का कहना है कि उद्योगों में सुरक्षा मानकों की नियमित समीक्षा और सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाना चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
फिलहाल मृतक मजदूर के परिजन न्याय और उचित मुआवजे की मांग पर अड़े हुए हैं, जबकि प्रशासन मामले को शांतिपूर्ण ढंग से सुलझाने और हादसे की निष्पक्ष जांच कराने की बात कह रहा है।



