कोरबा। प्रदेश के प्रभारी मंत्री और उप-मुख्यमंत्री अरुण साव के गुरुवार को कोरबा दौरे के दौरान युवा कांग्रेस और NSUI कार्यकर्ताओं द्वारा काले झंडे दिखाने की तैयारी की गई थी। हालांकि, पुलिस ने संभावित विरोध प्रदर्शन को देखते हुए पहले ही कार्रवाई करते हुए कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया, जिससे वे काले झंडे नहीं दिखा सके।
छात्रों के मुद्दों को लेकर विरोध
युवा कांग्रेस और NSUI कार्यकर्ताओं का कहना था कि वे छात्रों से जुड़े विभिन्न मुद्दों और हालिया घटनाओं के विरोध में प्रदर्शन करना चाहते थे। कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि छात्रों की समस्याओं को लेकर सरकार गंभीर नहीं है और इसी के विरोध में वे शांतिपूर्ण तरीके से काले झंडे दिखाने वाले थे।
पुलिस ने बढ़ाई सुरक्षा व्यवस्था
डिप्टी सीएम अरुण साव के दौरे को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए थे। कार्यक्रम स्थल और आसपास के क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया था। पुलिस को पहले से सूचना मिली थी कि कुछ संगठन विरोध प्रदर्शन कर सकते हैं, जिसके बाद संभावित प्रदर्शनकारियों पर नजर रखी जा रही थी।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, कार्यकर्ताओं को एहतियातन हिरासत में लिया गया ताकि कानून-व्यवस्था की स्थिति प्रभावित न हो।
कार्यकर्ताओं ने लगाया लोकतांत्रिक अधिकार छीनने का आरोप
हिरासत में लिए गए कार्यकर्ताओं ने पुलिस कार्रवाई का विरोध करते हुए कहा कि उन्हें शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने से रोका गया। उनका आरोप है कि प्रशासन ने उनका लोकतांत्रिक अधिकार छीना है। कार्यकर्ताओं ने कहा कि वे केवल छात्रों की आवाज सरकार तक पहुंचाना चाहते थे।
कुछ घंटों बाद छोड़ा गया
सूत्रों के मुताबिक, हिरासत में लिए गए अधिकांश कार्यकर्ताओं को कुछ घंटों बाद छोड़ दिया गया। पुलिस ने उनसे शांति बनाए रखने और कानून-व्यवस्था का पालन करने की अपील की।
डिप्टी सीएम ने किया विकास कार्यों का निरीक्षण
इस बीच, डिप्टी सीएम अरुण साव ने अपने निर्धारित कार्यक्रम के तहत जिले में विभिन्न विकास कार्यों का निरीक्षण किया और अधिकारियों के साथ बैठक भी की। उन्होंने परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए कार्यों को समय सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए।



