कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में गौमाता को ‘राज्यमाता’ का दर्जा दिलाने की मांग को लेकर गौसेवक एकजुट हुए। विश्व हिंदू परिषद की गौसेवा शाखा के तत्वावधान में रविवार को होटल महाराजा में जिलेभर के गौसेवकों की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में बड़ी संख्या में गौसेवकों ने हिस्सा लिया और गौवंश की सुरक्षा, संरक्षण एवं संवर्धन के लिए मिलकर काम करने का संकल्प लिया।
गौमाता को राज्यमाता का दर्जा दिलाने का संकल्प
बैठक के दौरान मौजूद गौसेवकों ने छत्तीसगढ़ में गौमाता को ‘राज्यमाता’ का दर्जा दिलाने के लिए सामूहिक रूप से संकल्प लिया। वक्ताओं ने कहा कि भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा में गौमाता का विशेष महत्व रहा है।
उन्होंने कहा कि गौ संरक्षण को केवल धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं देखा जाना चाहिए। इसका सामाजिक, आर्थिक और पर्यावरणीय महत्व भी है। गौवंश की सुरक्षा और बेहतर देखभाल के लिए समाज के हर वर्ग को आगे आकर अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए।
निराश्रित और घायल गौवंश के संरक्षण पर जोर
बैठक में गौसेवकों ने जिले में निराश्रित एवं घायल गौवंश के संरक्षण और उपचार की व्यवस्था बेहतर करने की मांग उठाई। इसके साथ ही गौवंश के लिए पर्याप्त चारा और पानी की व्यवस्था सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया।
गौसेवकों ने गौ तस्करी और गौ क्रूरता पर प्रभावी रोक लगाने के लिए प्रशासन से सख्त कदम उठाने की मांग की। उन्होंने आम नागरिकों से भी गौसेवा के कार्यों में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की।
जिलेभर में चलेगा जनसंपर्क अभियान
बैठक में निर्णय लिया गया कि गौ संरक्षण और गौसेवा के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए कोरबा जिले में जनसंपर्क अभियान चलाया जाएगा। अभियान से विभिन्न सामाजिक संगठनों को जोड़ने की भी योजना है, ताकि गौ संरक्षण को लेकर व्यापक स्तर पर जागरूकता पैदा की जा सके।
गौसेवकों ने दोहराया संकल्प
कार्यक्रम के अंत में सभी गौसेवकों ने गौमाता की रक्षा, सेवा और सम्मान के लिए लगातार कार्य करने का संकल्प दोहराया। साथ ही छत्तीसगढ़ में गौमाता को ‘राज्यमाता’ का दर्जा दिलाने के उद्देश्य से संगठित होकर अभियान चलाने की बात कही।



