कोरबा। कोरबा शहर की जर्जर सड़कों, गड्ढों और जलभराव की समस्या को लेकर बुधवार को युवा कांग्रेस और एनएसयूआई ने नगर निगम कार्यालय का घेराव किया। प्रदर्शनकारियों ने शहर की बदहाल सड़कों को लेकर निगम प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और निगम आयुक्त को ज्ञापन सौंपकर सड़क निर्माण के लिए स्वीकृत 17 करोड़ रुपए से अधिक की राशि के उपयोग में पारदर्शिता बरतने की मांग की।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि कोरबा में सड़क निर्माण को लेकर लंबे समय से सिर्फ घोषणाएं हो रही हैं, लेकिन लोगों को ऐसी सड़कें चाहिए जो बारिश और भारी वाहनों के दबाव के बावजूद लंबे समय तक टिक सकें। उन्होंने सड़क निर्माण के साथ-साथ नाली और बेहतर जल निकासी व्यवस्था सुनिश्चित करने की भी मांग रखी।
प्रदर्शन के दौरान कुछ कार्यकर्ताओं ने निगम कार्यालय के बाहर लगाए गए बैरिकेड को तोड़ने का प्रयास किया। पुलिस ने उन्हें रोक दिया। मौके पर पुलिस बल और तहसीलदार मौजूद रहे। सीएसपी प्रतीक चतुर्वेदी ने बताया कि प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा और स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में रही।
जर्जर सड़कें बनीं लोगों के लिए परेशानी
युवा कांग्रेस और एनएसयूआई के प्रदर्शनकारियों का कहना है कि कोरबा शहर और आसपास के क्षेत्रों में सड़कों की हालत लगातार खराब होती जा रही है। कई प्रमुख मार्गों पर बड़े-बड़े गड्ढे बने हुए हैं। बारिश के दौरान इन गड्ढों में पानी भर जाने से वाहन चालकों को सड़क की वास्तविक स्थिति दिखाई नहीं देती।
इससे दोपहिया वाहन चालकों के साथ-साथ पैदल चलने वालों के लिए भी दुर्घटना का खतरा बढ़ जाता है। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि सड़क की समस्या अब केवल आवागमन से जुड़ी परेशानी नहीं रह गई है, बल्कि यह सीधे तौर पर लोगों की सुरक्षा का मुद्दा बन चुकी है।
गड्ढों में पानी भरने से बढ़ रहा हादसों का खतरा
प्रदर्शनकारियों ने निगम को सौंपे ज्ञापन में बारिश के दौरान सड़कों पर जलभराव की समस्या को भी प्रमुखता से उठाया। उनका कहना है कि सड़क के गड्ढों में पानी जमा होने के कारण वाहन चालकों को गहराई का अंदाजा नहीं लग पाता।
कई जगह जल निकासी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने के कारण बारिश का पानी लंबे समय तक सड़क पर जमा रहता है। इससे सड़क की गुणवत्ता भी प्रभावित होती है और कुछ समय बाद सड़क दोबारा खराब होने लगती है।
युवा कांग्रेस और एनएसयूआई ने मांग की कि भविष्य में सड़क निर्माण के साथ ही नाली और जल निकासी की स्थायी व्यवस्था को भी परियोजना का हिस्सा बनाया जाए।
राजगामार-रिस्दी समेत कई सड़कों के सुधार की मांग
प्रदर्शनकारियों ने राजगामार-रिस्दी, बालको-कोरबा, कुसमुंडा-कोरबा और उरगा-कोरबा समेत कई प्रमुख सड़कों के तत्काल सुधार की मांग की।
इन मार्गों पर लगातार आवागमन और भारी वाहनों की आवाजाही रहती है। ऐसे में सड़क निर्माण की गुणवत्ता और मजबूती को लेकर प्रदर्शनकारियों ने सवाल उठाए।
उन्होंने कहा कि केवल गड्ढों की मरम्मत करने के बजाय जरूरत के अनुसार सड़कों का स्थायी और गुणवत्तापूर्ण निर्माण किया जाना चाहिए, ताकि बार-बार मरम्मत पर सरकारी राशि खर्च न हो।
17 करोड़ से अधिक के बजट पर पारदर्शिता की मांग
प्रदर्शनकारियों ने सड़क निर्माण के लिए शासन की ओर से स्वीकृत 17 करोड़ रुपए से अधिक के बजट को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने निगम प्रशासन से मांग की कि स्वीकृत राशि का मूल आदेश और कार्यवार विवरण सार्वजनिक किया जाए।




