CG NEWS : रायपुर। छत्तीसगढ़ में सार्वजनिक वितरण प्रणाली यानी PDS को और पारदर्शी बनाने की दिशा में सरकार नई व्यवस्था लागू करने की तैयारी कर रही है। राशन दुकानों से हितग्राहियों को मिलने वाले खाद्यान्न की निगरानी और वितरण प्रक्रिया को मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है। प्रस्तावित बदलावों का उद्देश्य राशन की हेराफेरी, अनियमितता और वितरण में होने वाली गड़बड़ियों पर नियंत्रण करना है।
राशन वितरण व्यवस्था में होगा बदलाव
प्रदेश में बड़ी संख्या में परिवार सरकारी राशन दुकानों के माध्यम से चावल और अन्य खाद्यान्न प्राप्त करते हैं। ऐसे में PDS व्यवस्था में किसी भी तरह की अनियमितता का सीधा असर हितग्राहियों पर पड़ता है।
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नई व्यवस्था के तहत राशन वितरण की प्रक्रिया को तकनीक से जोड़कर निगरानी बढ़ाने की योजना है। इससे राशन दुकान तक पहुंचने वाले खाद्यान्न और हितग्राहियों को वितरित किए जाने वाले राशन के बीच रिकॉर्ड का मिलान किया जा सकेगा।
हेराफेरी रोकने पर रहेगा फोकस
सरकार की प्रस्तावित व्यवस्था में राशन की हेराफेरी रोकना प्रमुख उद्देश्य बताया जा रहा है। वितरण प्रक्रिया में रिकॉर्ड और वास्तविक स्टॉक के बीच अंतर मिलने पर संबंधित स्तर पर जांच की जा सकेगी।
इसके अलावा राशन दुकानों पर उपलब्ध खाद्यान्न की जानकारी को अधिक व्यवस्थित तरीके से दर्ज करने और उसकी निगरानी करने पर भी जोर रहेगा। इससे अधिकारियों को किसी दुकान में असामान्य स्थिति की पहचान करने में मदद मिल सकती है।
हितग्राहियों को मिलेगा फायदा
PDS में पारदर्शिता बढ़ने का सीधा लाभ पात्र हितग्राहियों को मिलने की उम्मीद है। व्यवस्था में सुधार होने से राशन वितरण से जुड़ी शिकायतों में कमी लाने और पात्र परिवारों तक निर्धारित मात्रा में खाद्यान्न पहुंचाने में मदद मिल सकती है।
हितग्राहियों के लिए भी राशन वितरण से संबंधित जानकारी को अधिक स्पष्ट और आसानी से उपलब्ध कराने की दिशा में कदम उठाए जा सकते हैं।
तकनीक के इस्तेमाल से बढ़ेगी निगरानी
नई व्यवस्था में डिजिटल रिकॉर्ड और तकनीकी निगरानी की भूमिका महत्वपूर्ण होगी। राशन के आवंटन से लेकर दुकान तक पहुंचने और हितग्राही को वितरण होने तक अलग-अलग स्तरों पर जानकारी दर्ज करने की व्यवस्था को मजबूत किया जा सकता है।
इससे खाद्यान्न की पूरी सप्लाई चेन पर नजर रखना आसान होगा और किसी स्तर पर गड़बड़ी सामने आने पर रिकॉर्ड के आधार पर कार्रवाई की जा सकेगी।




