CJP PROTEST : नई दिल्ली। दिल्ली में जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले पुलिस की कार्रवाई से राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। खबर के मुताबिक, पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, ममता बनर्जी, यूट्यूबर ध्रुव राठी समेत कई नेताओं और प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया। जंतर-मंतर, कनॉट प्लेस और मिंटो ब्रिज सहित राजधानी के अलग-अलग इलाकों से 1,000 से अधिक लोगों को हिरासत में लिए जाने की जानकारी सामने आई है।
प्रदर्शन मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों और विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया के विरोध में आयोजित किया जाना था। प्रदर्शनकारियों की मांगों में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा और SIR प्रक्रिया रोकना शामिल है।
कई नेताओं और ध्रुव राठी को हिरासत में लेने की खबर
प्रदर्शन में शामिल होने दिल्ली पहुंचे CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके को मुंबई से आई फ्लाइट के अंदर से ही हिरासत में लिए जाने की जानकारी दी गई है। उनके साथ CJP नेता सौरव दास और आशुतोष रांका को भी पुलिस अपने साथ ले गई।
रिपोर्ट के मुताबिक, यूट्यूबर ध्रुव राठी को सुबह गुरुग्राम के सेक्टर-56 स्थित उनके आवास से हिरासत में लिया गया। इसके अलावा केरल के पूर्व मुख्यमंत्री पिनराई विजयन, त्रिपुरा के पूर्व मुख्यमंत्री माणिक सरकार और CPM सांसद जॉन ब्रिटास को भी हिरासत में लिए जाने की जानकारी सामने आई है।
बैरिकेडिंग तोड़ने और पथराव का आरोप
दोपहर करीब 1 बजे इम्तियाज अली मार्ग पर आकाशवाणी भवन के पास प्रदर्शन के दौरान तनाव की स्थिति पैदा हो गई। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, कुछ प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड पार करने और पुलिस पर पत्थर फेंकने की कोशिश की। इस घटना में दो पुलिसकर्मियों के घायल होने की खबर है।
पुलिस ने मौके पर मौजूद प्रदर्शनकारियों को हटाया और कई लोगों को हिरासत में लिया। घटना के दौरान एक प्रदर्शनकारी के सिर में चोट लगने की भी जानकारी सामने आई है।
मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे और SIR रोकने की मांग
CJP की ओर से मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की जा रही है। संगठन ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR की प्रक्रिया रोकने की मांग को लेकर प्रदर्शन की योजना बनाई थी।
प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कार्रवाई और बड़ी संख्या में लोगों को हिरासत में लिए जाने से राजधानी में राजनीतिक माहौल गरमा गया है। हालांकि, हिरासत में लिए गए सभी लोगों की आधिकारिक सूची और उनकी वर्तमान स्थिति की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।




