जिला – कोरबा, छत्तीसगढ़ (छ.ग.)
विषय: अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) कार्यालय, कटघोरा में वर्ष 2014 के अनुसूचित जनजाति प्रमाण पत्र के महत्वपूर्ण शासकीय रिकॉर्ड को खुर्द-बुर्द कर नष्ट करने के मामले में जनसूचना अधिकारी व अन्य दोषियों पर FIR दर्ज करने बाबत।
महोदय,
निवेदन है कि अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) / एसडीएम कार्यालय, कटघोरा में सूचना का अधिकार (RTI) अधिनियम के तहत आवेदन प्रस्तुत कर, वर्ष 2014 में जारी किए गए कुल 4 (1.रघुनाथ बानरा 2. नंदुलाल 3. ईश्वर एक्का 4. रंजीत लकड़ा) लोगों के अनुसूचित जनजाति (ST) के स्थाई जाति प्रमाण पत्र के आधार दस्तावेजों (जिन दस्तावेजों के आधार पर उक्त प्रमाण पत्र जारी किया गया था) की प्रमाणित प्रति की मांग की गई थी।
इस संबंध में जनसूचना अधिकारी, कटघोरा द्वारा अत्यंत गैर-जिम्मेदाराना और संदेहास्पद लिखित जवाब दिया गया है कि “बरसात के पानी में भीग जाने के कारण उक्त दस्तावेज कट-छट कर नष्ट हो गए हैं।” हैरानी का विषय यह है कि जनसूचना अधिकारी द्वारा अपनी इस घोर लापरवाही और अनियमितता को छिपाने के लिए छत्तीसगढ़ राज्य सूचना आयोग के समक्ष भी यही गोलमोल जवाब प्रस्तुत किया गया है, जिसके कारण मुझे वांछित जानकारी आज पर्यन्त अप्राप्त है।
महोदय, जाति प्रमाण पत्र जैसे अत्यंत संवेदनशील और महत्वपूर्ण शासकीय रिकॉर्ड (वह भी वर्ष 2014 का) का सुरक्षित रिकॉर्ड रूम में ‘बरसात के पानी में भीगकर नष्ट हो जाना’ कोई प्राकृतिक घटना नहीं है, बल्कि यह स्पष्ट रूप से एक सुनियोजित षड्यंत्र है। इससे प्रबल आशंका उत्पन्न होती है कि संबंधित अनुसूचित जनजाति का प्रमाण पत्र पूर्णतः फर्जी दस्तावेजों के आधार पर या भारी भ्रष्टाचार के माध्यम से बनाया गया है और अब उस कृत्य को छिपाने तथा दोषियों को बचाने के उद्देश्य से साक्ष्य को जानबूझकर नष्ट कर दिया गया है।
ऐसे कुल 23 लोगों का फर्जी जाति प्रमाण पत्र बना था, जिसको जिला स्तरीय जाति सत्यापन समिति कोरबा द्वारा उक्त 23 जाति प्रमाण पत्र को निलंबित किया गया है।
किसी भी महत्वपूर्ण शासकीय अभिलेख (Public Record) को बिना वैधानिक प्रक्रिया के इस प्रकार नष्ट करना, साक्ष्य मिटाना और लोक सेवक द्वारा अपने पदीय कर्तव्यों का आपराधिक दुरुपयोग करना भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 238 (साक्ष्य मिटाना), 240 (दस्तावेज नष्ट करना), 256 (लोक सेवक द्वारा आपराधिक न्यासभंग) और 61 (आपराधिक षड्यंत्र) तथा लोक अभिलेख अधिनियम (Public Records Act), 1993 की धारा 9 के तहत एक गंभीर संज्ञेय अपराध है।
अतः श्रीमान जी से विनम्र आग्रह है कि :
1. एसडीएम कार्यालय कटघोरा के रिकॉर्ड रूम की उच्च स्तरीय प्रशासनिक जांच कराई जाए।
2. साक्ष्य मिटाने, सरकारी रिकॉर्ड को जानबूझकर नष्ट करने और फर्जीवाड़े को संरक्षण देने के आरोप में संबंधित जनसूचना अधिकारी, तत्कालीन व वर्तमान रिकॉर्ड कीपर (Record Keeper) और इस कृत्य में संलिप्त अन्य सभी दोषियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) और लोक अभिलेख अधिनियम की सुसंगत धाराओं के तहत तत्काल प्रथम सूचना रिपोर्ट (FIR) दर्ज करने का स्पष्ट आदेश देने की कृपा करें।
नोट:- आपके द्वारा की गई समस्त कार्यवाही अनुशंसा, एवं अभिमत से मुझे भी अवगत करावें।
मामले के सभी प्रासंगिक दस्तावेज इस शिकायत पत्र के साथ संलग्न कर रहा है। न्याय की अपेक्षा में।
संलग्नक:
1. जनसूचना अधिकारी, कटघोरा द्वारा दिए गए जवाब की छायाप्रति।
2. छत्तीसगढ़ राज्य सूचना आयोग के समक्ष प्रस्तुत जवाब / आदेश की छायाप्रति
3. 23 फर्जी जाति प्रमाण धारक की सुची।
Adv दिलीप मिरी
प्रदेश संयोजक
छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना (गैर-राजनीतिक संगठन)
पता:- मानिकपुर qtr टाइप 2/9 secl कोरबा
मो- 9302296132




