प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को महाराष्ट्र के सिंधुदुर्ग में स्थित राजकोट किले में छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा का अनावरण किया। इसके बाद पीएम नौसेना दिवस 2023 पर आयोजित इवेंट में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने कहा- शिवाजी महाराज समुद्री सुरक्षा के महत्व को जानते थे। उन्हें विश्वास था- जिसने समुद्र पर नियंत्रण कर लिया वह सर्वशक्तिमान है। इसलिए उन्होंने एक शक्तिशाली नौसेना बनाई। उनसे प्रेरणा लेकर आज भारत गुलामी की मानसिकता को छोड़कर आगे बढ़ रहा है।
भारतीय नौसेना अब अपने रैंकों का नाम भारतीय परंपराओं के अनुसार रखेगी। नौसेना अधिकारी जो एपॉलेट पहनते हैं, उसमें भी अब छत्रपति शिवाजी महाराज की झलक दिखेगी। सरकार सशस्त्र बलों में नारी शक्ति की ताकत बढ़ाने पर भी जो दे रही है।
पीएम की स्पीच की बड़ी बातें…
आज ‘मेड इन इंडिया’ की चर्चा पूरी दुनिया में हो रही है। तेजस विमान हो या किसान ड्रोन, UPI सिस्टम हो या फिर चंद्रयान 3, हर जगह, हर सेक्टर में मेड इन इंडिया की धूम है। भारत अपने लिए बड़े लक्ष्य तय कर रहा है और उसे पाने के लिए अपनी पूरी शक्ति लगा रहा है। भारत के पास इन लक्ष्यों को पूरा करने के लिए एक बड़ी ताकत है। ये ताकत 140 करोड़ भारतीयों के विश्वास की है।
ये भारत के इतिहास का वो कालखंड है जो सिर्फ 5-10 साल का नहीं, बल्कि आने वाली सदियों का भविष्य लिखने वाला है। 10 वर्ष से भी कम के कालखंड में भारत, दुनिया में 10वें नंबर की आर्थिक ताकत से बढ़कर 5वें नंबर पर पहुंच गया है। अब तीसरे नंबर की आर्थिक शक्ति बनने की ओर अग्रसर है।
नौसेना दिवस के मौके पर इंडियन नेवी के इतिहास को दिखाने के लिए एक प्रदर्शनी लगाई गई, जिसमें शिवाजी महाराज के समकालीन जहाज के कई मॉडल बनाए गए हैं।



