Close Menu
CG Times NewsCG Times News

    Subscribe to Updates

    Get the latest creative news from FooBar about art, design and business.

    What's Hot

    कोरबा में हालात नियंत्रण में: शराब भट्टी क्षेत्र में पुलिस की सख्ती, स्थिति सामान्य

    April 15, 2026

    CG Good Governance Festival : CM का कलेक्टरों को सख्त पत्र, खुद जमीनी हकीकत जानेंगे

    April 15, 2026

    पीलिया का प्रकोप बढ़ा’ 37 नए मरीज मिलने से हड़कंप, स्वास्थ्य विभाग ने जारी किया अलर्ट

    April 15, 2026
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Thursday, April 16
    CG Times NewsCG Times News
    Facebook X (Twitter) Instagram YouTube
    • Home
    • Chhattisgarh
    • National
    • International
    • Business
    • Entertainment
    • E-Paper
    CG Times NewsCG Times News
    Home » Chhath Puja: रामायण और महाभारत से जुड़ा है छठ का इतिहास, जानिए खास प्रसाद और हर दिन का महत्व
    Featured

    Chhath Puja: रामायण और महाभारत से जुड़ा है छठ का इतिहास, जानिए खास प्रसाद और हर दिन का महत्व

    News EditorBy News EditorNovember 6, 2024No Comments5 Mins Read
    Facebook Twitter WhatsApp Copy Link
    Share
    Facebook Twitter WhatsApp Copy Link

    Chhath Puja 2024: छठ पूजा के नाम से ही जाहिर है कि ये षष्ठी के दिन आने वाला पर्व है. दिवाली के बाद जो षष्ठी तिथि आती है, उसी पर ये पर्व मनाया जाता है. इस दिन छठ मनाने वाले भक्त भगवान सूर्य और उनकी पत्नी छठी मैय़ा का पूजन करते हैं. वैसे तो सूर्य का पूजन बहुत से अलग अलग पर्वों पर होता है. लेकिन छठ ही एक मात्र ऐसा पर्व होता है जिस में ढलते सूर्य का पूजन भी किया जाता है और उगते सूर्य का भी पूजन किया जाता है. छठ के सारे दिन पूजा और आस्था से भरपूर होते हैं. कार्तिक मास की शुक्ल पक्ष की षष्ठी पर आने वाला ये पर्व मुख्यतः पूर्वी यूपी, बिहार और झारखंड में मनाया जाता है.

    छठ पूजन का इतिहास और महत्व

    रामायण और महाभारत के काल से छठ करने का महत्व चला आ रहा है. मान्यता है कि ये पर्व दोनों कालों में भी मनाया जाता रहा है. छठ मनाने वाले मानते हैं कि सूर्य की पूजा प्रकृति और इंसानों के बीच का एक खास नाता है. जो बरसों से चला आ रहा है.

    भगवान राम और सीता जब 14 वर्ष का वनवास काटकर वापस अयोध्या पहुंचे, तब उन्होंने भी छठ पर पूजन किया. माता सीता ने इस मौके पर व्रत भी रखा. इसी तरह ये भी मान्यता है कि पांडवों की पत्नी द्रोपदी ने भी छठ का उपवास कई सालों तक रखा और भगवान सूर्य से पांडवों की विजय की कामना करती रहीं. पांडवों का श्रेय तब से छठ के प जन को भी दिया जाता रहा है.

    छठ पूजने वाले 36 घंटे का उपवास भी रखते हैं. माना जाता है कि इस उपवास से शरीर पूरी तरह डीटोक्स होता है और मेंटल हेल्थ भी मजबूत होती है. इसलिए इस उपवास का सेहत की दृष्टि से भी बहुत महत्व माना जाता है. इसके अलावा इस पर्व को भगवान सूर्य का आभार व्यक्त करने वाला पर्व भी माना जाता है. जो पृथ्वी को निरंतर अपनी ऊर्जा से जीवंत बनाते हैं. धरती पर उगने वाली फसलें, जीव जंतु और सबको सेहत देने वाली सूर्य की रोशनी को नमन किया जाता है.

    छठ पूजन की तिथि

    इस साल छठ पूजन की शुरुआत 5 नवंबर को होगी. पहले दिन नहाए खाये मनाया जाएगा. 6 नवंबर को खरना पर्व मनाया जाएगा. संध्या अर्घ सात नवंबर को दिया जाएगा. और, उषा अर्घ देने की तिथि होगी 8 नवंबर.

    छठ पूजन की सामग्री

    इस पर्व को मनाने के लिए कुछ खास सामग्री की जरूरत होती है. उसकी लिस्ट भी जान लीजिए,

    • हल्दी
    • सुपारी
    • अदरक का पौधा
    • सिंदूर
    • अगरबत्ती
    • दूध
    • जल
    • गुड़
    • पानी का पात्र या लोटा
    • पूजा का थाल
    • बांस की टोकरी
    • नए वस्त्र
    • नारियल
    • गन्ना
    • चंदन
    • अक्षत
    • घी
    • दीपक

    छठ पूजा के दौरान करने वाले कार्य

    घर की सफाई- छठ के पूजन से पहले घर की साफ सफाई की जाती है ताकि माहौल की शुद्धता और पवित्रता बनी रहे. माना जाता है कि साफ सुथरी जगह सकारात्मक एनर्जी का स्त्रोत बनती है.

    प्रसाद बनाने का काम– किसी भी पूजा का सबसे जरूरी भाग उसके प्रसाद बनाने की तैयारी होती है. छठ पूजा पर फल, गुड़ की खीर का प्रसाद तैयार किया जाता है. इस प्रसाद को बहुत ही पवित्र माना जाता है.

    गेहूं धो कर सुखाना– छठ पूजा पर गेहूं का भी बहुत महत्व होता है. गेहूं को धोकर सुखाना इस बात का संकेत होता है कि भगवान को शुद्ध और स्वच्छ भोग लगाया जा रहा है.

    दो समय का अर्घ

    छठ पूजन में संध्या और उषा का अर्घ देते समय ये ध्यान रखना चाहिए कि आप सही वस्त्र धारण कर चुके हों. किसी शांत स्थान पर अर्घ अर्पित करें. ताकि आपका पूरा ध्यान पूजन में ही लगा रहे.

    छठ पूजन के दौरान क्या न करें

    हाथ याद से धोएं- पूजा के किसी भी सामान को छूने से पहले हाथ धोना बिलकुल न भूलें. पूजा की शुद्धता बनाए रखने के लिए ये सबसे जरूरी नियम है.

    नमक से बनी चीजें न खाएं- इस व्रत को या पूजन को करने वालों को ऐसी वस्तुएं नहीं खानी चाहिए, जिसमें नमक हो . इस दौरान सात्विक खाना ही खाना चाहिए.

    मांसाहारी खाना न खाएं- छठ पूजा के सातों दिन सादा भोजन ही करें. इस दौरान मांसाहार का सेवन न करें.

    साफ वस्त्र ही पहनें- छठ पूजन के दौरान गंदे वस्त्र बिल्कुल न धारण करें. बल्कि साफ स्वच्छ वस्त्र ही पहनें.

    छठ पूजन के चार दिन

    छठ पूजा के चार दिन बहुत महत्वपूर्ण होते हैं. पहले दिन नहाए खाय का पर्व मनाया जाता है. इस दिन भक्त स्नान करके सात्विक भोजन करते हैं. जिसमें प्याज, लहसुन और दूसरे मसाले नहीं होते.

    दूसरे दिन को खरना पर्व मनाते हैं. इसी दिन सुबह अर्घ देकर उपवास रखा जाता है. जो शाम के अर्घ के बाद खीर और फलों के साथ खोला जाता है. इस के बाद 36 घंटे लंबा निर्जला व्रत शुरू होता है.

    तीसरे दिन भी भक्तों का उपवास जारी रहता है. इसी दिन शाम को सूर्य देव को फिर से अर्घ दिया जाता है.

    चौथे दिन छठ पूजा की जाती है. सूर्योदय होने पर इस दिन सूर्य को अर्घ दिया जाता है. छठ का पूजन समाप्त होता है.

    छठ पूजा के पारंपरिक भोजन

    छठ पूजन के दौरान कुछ खास तरह की वस्तुएं बनाई जाती हैं. जिसमें ये चीजें भी शामिल हैं,

    चावल की खीर– ये मीठा पकवान चावल, दूध और शक्कर से बनाया जाता है. इस खीर में ड्राई फ्रूट्स और इलायची का पाउडर मिलाया जाता है. खीर खासतौर से खरना वाले दिन बनाई जाती है.

    लाल साग- लाल रंग के पत्तों वाली ये भाजी भी छठ के मौके पर पकाई जाती है. जो कम से कम मसालों के साथ बनती है.

    ठेकुआ– गेहूं के आटे और गुड़ से ये स्वीट डिश बनाई जाती है. ठेकुए को ही संध्या और उषा अर्घ के दौरान प्रसाद के तौर पर दिया जाता है.

    खोंडा– ये कद्दू की सब्जी होती है. इसे भी कम से कम मसाले के साथ बनाया जाता है.

    Share. Facebook Twitter WhatsApp Copy Link
    News Editor

    Related Posts

    कोरबा में हालात नियंत्रण में: शराब भट्टी क्षेत्र में पुलिस की सख्ती, स्थिति सामान्य

    April 15, 2026

    CG Good Governance Festival : CM का कलेक्टरों को सख्त पत्र, खुद जमीनी हकीकत जानेंगे

    April 15, 2026

    पीलिया का प्रकोप बढ़ा’ 37 नए मरीज मिलने से हड़कंप, स्वास्थ्य विभाग ने जारी किया अलर्ट

    April 15, 2026

    CG NEWS : आंबेडकर जयंती रैली में कार पर खतरनाक स्टंट’ वीडियो वायरल, नियमों की उड़ी धज्जियां

    April 15, 2026

    सजग कोरबा – सतर्क कोरबा” अभियान के तहत कोरबा पुलिस की कार्यवाही

    April 15, 2026

    कलेक्टर ने ली समय-सीमा की बैठक, विकास कार्यो के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु दिए आवश्यक दिशा-निर्देश

    April 15, 2026
    April 2026
    M T W T F S S
     12345
    6789101112
    13141516171819
    20212223242526
    27282930  
    « Mar    
    Editors Picks

    कोरबा में हालात नियंत्रण में: शराब भट्टी क्षेत्र में पुलिस की सख्ती, स्थिति सामान्य

    April 15, 2026

    CG Good Governance Festival : CM का कलेक्टरों को सख्त पत्र, खुद जमीनी हकीकत जानेंगे

    April 15, 2026

    पीलिया का प्रकोप बढ़ा’ 37 नए मरीज मिलने से हड़कंप, स्वास्थ्य विभाग ने जारी किया अलर्ट

    April 15, 2026

    CG NEWS : आंबेडकर जयंती रैली में कार पर खतरनाक स्टंट’ वीडियो वायरल, नियमों की उड़ी धज्जियां

    April 15, 2026
    About Us
    About Us

    स्वामी एवं संपादक – जगदीश भाई
    पता - मुख्य मार्ग, कोरबा (छ.ग.)
    ईमेल - cgtimenews.com@gmail.com
    मोबाईल नं. - 9713100050

    स्वामी एवं संपादक
    स्वामी एवं संपादक
    Jagdish Patel
    EDITOR
    Important page
    • About Us
    • Privacy Policy
    • Disclaimer
    • Terms & Conditions
    • Contact Us
    © 2026 CG Times News. Designed by Nimble Technology.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.