CG News : शटर और दीवार के बीच फंसी गर्दन, चोरी करने आया युवक पूरी रात नहीं निकल पाया
लाइन लंबी, इंतजार भारी… फिर अचानक बवाल
सुबह की ठंडी हवा धीरे-धीरे चढ़ते सूरज के साथ गर्म हो गई। लाइन बढ़ती गई। लोग थकने लगे। कोई छांव ढूंढ रहा था, कोई पानी। फिर एक खबर फैली — “आज सिलेंडर नहीं आएगा।” माहौल बदल गया। आवाजें तेज हुईं। कुछ लोग एजेंसी के बाहर बहस करने लगे। देखते ही देखते भीड़ सड़क पर उतर आई। मुख्य मार्ग पर चक्काजाम कर दिया गया। वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। शहर की रफ्तार अचानक रुक गई।
20,000 उपभोक्ता, सप्लाई पर सवाल
गिरिजा इंडेन गैस एजेंसी के तहत करीब 20,000 घरेलू उपभोक्ता जुड़े हैं। इतनी बड़ी संख्या में लोगों की निर्भरता एक ही सप्लाई चैन पर है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह समस्या नई नहीं है। पहले भी देरी और कमी की शिकायतें सामने आती रही हैं।
- सुबह से लंबी कतार
- सिलेंडर सप्लाई नहीं पहुंची
- गुस्साए लोगों ने सड़क जाम की
- यातायात कई घंटों तक प्रभावित
प्रशासन की एंट्री, धीरे-धीरे खुला जाम
सूचना मिलते ही नायब तहसीलदार और पुलिस टीम मौके पर पहुंची। भीड़ को समझाना आसान नहीं था। हर किसी के पास अपनी परेशानी थी। काफी देर बातचीत चली। समझाइश दी गई। आखिरकार स्थिति काबू में आई और जाम खुलवाया गया।
“घंटों लाइन में खड़े रहे, फिर कहा गया सिलेंडर नहीं है… अब हम क्या करें?” — स्थानीय उपभोक्ता
1 अप्रैल को ही इस मुद्दे पर बैठक हो चुकी थी। नगर पालिका अध्यक्ष, पार्षद और एजेंसी संचालक मौजूद थे। तब भरोसा दिया गया था कि सप्लाई सुधरेगी। लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और कहानी कह रही है। सवाल सीधा है — क्या सिस्टम अपडेट होगा या फिर लोग इसी तरह लाइन में खड़े रहेंगे?विशेषज्ञ मानते हैं कि डिमांड और सप्लाई के बीच गैप साफ दिख रहा है। अगर समय पर सप्लाई नहीं सुधरी, तो ऐसे हालात फिर बन सकते हैं। और उस दिन… शायद भीड़ और बड़ी हो। गुस्सा और तेज)


