- बड़ी रिकवरी: कांकेर और नारायणपुर के सीमावर्ती इलाकों में सर्च ऑपरेशन के दौरान 2 इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (IED) बरामद किए गए।
- सफलता: बम निरोधक दस्ते ने मौके पर ही विस्फोटकों को सुरक्षित तरीके से डिफ्यूज कर दिया।
- साजिश नाकाम: सुरक्षाबलों को निशाना बनाने के लिए नक्सलियों ने इन विस्फोटकों को रणनीतिक रूप से प्लांट किया था।
Chhattisgarh Security Force Operation , कांकेर — सुरक्षाबलों ने शनिवार सुबह कांकेर और नारायणपुर की सीमा पर नक्सलियों की एक बड़ी ‘फिल्डिंग’ को ध्वस्त कर दिया। गहन सर्च ऑपरेशन के दौरान जवानों ने 2 जीवित IED बरामद किए, जिन्हें सुरक्षाबलों के काफिले को उड़ाने के इरादे से लगाया गया था। नक्सलियों ने घने जंगलों के बीच इन आईईडी को इस तरह छिपाया था कि पैदल गश्त कर रहे जवानों को भारी नुकसान पहुंचाया जा सके। हालांकि, सतर्क जवानों ने मेटल डिटेक्टर की मदद से इन्हें समय रहते पहचान लिया और एक बड़े हादसे को टाल दिया।
जंगल में ‘पावरप्ले’: सुरक्षाबलों का दबदबा बरकरार
जैसे ही सूचना मिली कि सीमावर्ती इलाकों में नक्सलियों की हलचल बढ़ी है, सुरक्षाबलों ने अपनी ‘डिफेंसिव लाइन’ को मजबूत करते हुए सर्च अभियान शुरू किया।
- सटीक सर्च: जवानों ने पगडंडियों और संवेदनशील मोड़ों पर बारीकी से जांच की।
- मौके पर कार्रवाई: बम निरोधक दस्ता (BDDS) तुरंत एक्शन में आया और जंगल के बीच ही इन विस्फोटकों को नष्ट कर दिया।
- एरिया डोमिनेशन: इस सफलता के बाद आसपास के गांवों और जंगल के भीतरी रास्तों पर गश्त बढ़ा दी गई है।
नक्सली अक्सर अपनी कमजोर होती पकड़ को छिपाने के लिए ऐसे ‘अंडरग्राउंड’ हमलों का सहारा लेते हैं। कांकेर-नारायणपुर बॉर्डर का यह इलाका सामरिक रूप से काफी संवेदनशील है, और यहां विस्फोटकों का मिलना यह साबित करता है कि नक्सली गुट किसी बड़ी वारदात की फिराक में थे।
“नक्सलियों ने जवानों को नुकसान पहुंचाने के लिए आईईडी प्लांट किए थे। हमारी टीम की मुस्तैदी से इस बड़ी साजिश को समय रहते नाकाम कर दिया गया है। इलाके में ऑपरेशन अभी भी जारी है।”
— जिला पुलिस अधीक्षक, कांकेर


