कोरबा। औद्योगिक नगरी कोरबा के रिसदी क्षेत्र स्थित वन विभाग की बहुचर्चित ‘पक्षी नर्सरी’ से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है। गुरुवार दोपहर नर्सरी के एक हिस्से में अचानक भड़की आग ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया। इस भीषण अग्निकांड में कई एकड़ में फैले दुर्लभ पेड़-पौधे जलकर खाक हो गए हैं, वहीं नर्सरी में रहने वाले बेजुबान जीव-जंतुओं के अस्तित्व पर भी संकट मंडरा रहा है।
धुएं के गुबार से ढका आसमान, मची अफरा-तफरी
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोपहर के वक्त नर्सरी के भीतर से धुएं का काला गुबार उठता देखा गया। सूखी घास और तेज हवाओं के कारण आग ने तेजी से विस्तार किया और हजारों पौधों को अपनी चपेट में ले लिया। आग इतनी भीषण थी कि दूर-दूर तक इसकी लपटें दिखाई दे रही थीं, जिससे आस-पास के रहवासी इलाकों में भी हड़कंप मच गया।
जीव-जंतुओं और जैव-विविधता को भारी नुकसान
वन विभाग की यह नर्सरी विभिन्न प्रजातियों के पक्षियों और छोटे जीवों का बसेरा है। आग की चपेट में आने से कई छोटे सरीसृप और कीट-पतंगे जल गए हैं, जबकि पक्षियों के घोंसले पूरी तरह नष्ट हो गए।
“यह नर्सरी पर्यावरण संरक्षण और पक्षियों के प्राकृतिक आवास के रूप में विकसित की गई थी। इस आगजनी से न केवल वन संपदा का नुकसान हुआ है, बल्कि स्थानीय इकोसिस्टम को भी गहरा धक्का लगा है।” — पर्यावरण विशेषज्ञ
दमकल विभाग की मशक्कत और वन विभाग की कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही दमकल की गाड़ियाँ और वन विभाग का अमला मौके पर पहुँचा। घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर आंशिक रूप से काबू पाया जा सका है, लेकिन अभी भी कुछ हिस्सों में सुलग रही आग को बुझाने का प्रयास जारी है।


