जांजगीर-चांपा 08 अप्रैल 2026/ स्वास्थ्य विभाग ने ग्रीष्म ऋतु के आगमन के साथ बढ़ते तापमान को देखते हुए हीट स्ट्रोक (लू) से बचाव हेतु आवश्यक सावधानियां जारी की हैं। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि हीट स्ट्रोक एक गंभीर स्थिति है, जिसमें शरीर का तापमान अत्यधिक बढ़ जाता है और समय पर उपचार न मिलने पर यह जानलेवा भी हो सकता है।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा नागरिकों से अपील की है कि वे दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलें तथा अधिक से अधिक पानी, नींबू पानी, छाछ और ओआरएस जैसे तरल पदार्थों का सेवन करें। हल्के रंग के ढीले एवं सूती कपड़े पहनने, बाहर निकलते समय सिर को टोपी, गमछा या छाता से ढकने तथा खाली पेट घर से बाहर न जाने की सलाह दी गई है। विशेष रूप से बच्चों, बुजुर्गों एवं गर्भवती महिलाओं का ध्यान रखने, वाहन में बच्चों या पालतू जानवरों को अकेला न छोड़ने की भी हिदायत दी गई है।
हीट स्ट्रोक के प्रमुख लक्षणों में तेज बुखार (40 डिग्री सेल्सियस से अधिक), सिरदर्द, चक्कर आना, उल्टी, घबराहट, त्वचा का लाल व सूखा होना तथा बेहोशी शामिल हैं। यदि किसी व्यक्ति में ये लक्षण दिखाई दें तो उसे तुरंत ठंडी जगह पर ले जाएं, शरीर को ठंडा करें एवं नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में तत्काल उपचार हेतु ले जाएं। जिला प्रशासन ने आमजनों से अपील की है कि वे गर्मी के मौसम में पूरी सतर्कता बरतें, स्वयं सुरक्षित रहें और अपने परिवार एवं आसपास के लोगों को भी जागरूक करें। विशेषकर मजदूर, किसान एवं खुले में कार्य करने वाले लोग निर्धारित समय में ही कार्य करें और बीच-बीच में विश्राम अवश्य लें। किसी भी आपात स्थिति में तत्काल स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ लें एवं अफवाहों से बचें। ‘‘सावधानी ही बचाव है – हीट स्ट्रोक से सुरक्षित रहें, स्वस्थ रहें।‘‘
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