- बड़ी रवानगी: सुरजीत सिंह (हैप्पी) ने कोयला मजदूर सभा (HMS) के सभी पदों और प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है।
- टाइमिंग: यह फैसला 31 मार्च को लिया गया, जो यूनियन की भविष्य की रणनीति के लिए एक बड़ा टर्निंग पॉइंट है।
- अहम पद: सुरजीत सिंह क्षेत्रीय अध्यक्ष और क्षेत्रीय संयुक्त सलाहकार समिति के सक्रिय सदस्य के रूप में कार्यरत थे।
Koyla Mazdoor Sabha HMS , कोरबा — एसईसीएल कुसमुण्डा क्षेत्र की श्रमिक राजनीति में बुधवार को एक जोरदार धमाका हुआ। कोयला मजदूर सभा (HMS) के कद्दावर नेता और क्षेत्रीय अध्यक्ष सुरजीत सिंह (हैप्पी) ने अचानक संगठन को अलविदा कह दिया। उन्होंने 31 मार्च को अपना इस्तीफा केंद्रीय महामंत्री नाथूलाल पाण्डेय को भेज दिया। सुरजीत सिंह ने न केवल अपने प्रभावशाली पदों को त्यागा है, बल्कि यूनियन की प्राथमिक सदस्यता से भी खुद को पूरी तरह अलग कर लिया है।
कुसमुण्डा की ‘पिच’ पर बड़ा विकेट: यूनियन के समीकरण बिगड़े
सुरजीत सिंह का जाना HMS के लिए किसी बड़े झटके से कम नहीं है। कुसमुण्डा क्षेत्र में यूनियन की ‘फील्डिंग’ सजाने में उनकी अहम भूमिका मानी जाती थी।
- प्रमुख पद: क्षेत्रीय अध्यक्ष होने के साथ-साथ वे क्षेत्रीय संयुक्त सलाहकार समिति के भी सदस्य थे।
- इस्तीफे का जरिया: उन्होंने केंद्रीय महामंत्री नाथूलाल पाण्डेय को औपचारिक पत्र लिखकर अपने फैसले से अवगत कराया।
- क्षेत्रीय प्रभाव: एसईसीएल के सबसे बड़े उत्पादन क्षेत्रों में से एक कुसमुण्डा में उनके इस फैसले से हलचल तेज हो गई है।
यूनियन के भीतर इस इस्तीफे को लेकर कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। जानकारों का मानना है कि यह रणनीतिक बदलाव श्रमिक हितों की रक्षा के लिए उठने वाली आवाजों की दिशा बदल सकता है।
“मैंने यूनियन के समस्त पदों और प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। इस संबंध में मैंने केंद्रीय महामंत्री को पत्र लिखकर अपनी स्थिति साफ कर दी है। अब मैं यूनियन की किसी भी गतिविधि का हिस्सा नहीं हूं।”
— सुरजीत सिंह (हैप्पी), पूर्व क्षेत्रीय अध्यक्ष, HMS


