भ्रष्टाचार बनाम पहचान की जंग
प्रधानमंत्री मोदी ने अपनी रैलियों में सीधे तौर पर ममता बनर्जी के अहंकार पर चोट की। उन्होंने कहा कि बंगाल की जनता अब अत्याचार बर्दाश्त नहीं करेगी और इस बार चुनाव में टीएमसी का अहंकार चकनाचूर होकर रहेगा। मोदी ने कटवा में दहाड़ते हुए कहा कि टीएमसी ने केवल भ्रष्टाचार और कट-मनी की संस्कृति को बढ़ावा दिया है। उन्होंने राज्य में पारदर्शी प्रशासन और समान नागरिक संहिता (UCC) का वादा भी दोहराया।
दूसरी तरफ, ममता बनर्जी ने भावनात्मक कार्ड खेलते हुए भाजपा पर बंगाल को बांटने की साजिश रचने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भाजपा बाहरी लोगों की पार्टी है जो बंगाल की संस्कृति को नष्ट करना चाहती है। उन्होंने जनता से अपील की कि वे भाजपा के नेताओं को अपने गांवों और घरों में घुसने न दें। ममता ने एनआरसी (NRC) और मतदाता सूची से नाम काटे जाने के मुद्दे पर भी केंद्र सरकार को जमकर घेरा।
“दीदी का अहंकार अब उनके पतन का कारण बनेगा। बंगाल की जनता ने बदलाव का मन बना लिया है।” — नरेंद्र मोदी, प्रधानमंत्री
चुनाव का गणित और आगे की राह
294 सदस्यीय विधानसभा के लिए 23 अप्रैल और 29 अप्रैल को दो चरणों में मतदान होना है। आज की रैलियों ने साफ कर दिया है कि भाजपा जहां भ्रष्टाचार और विकास को मुद्दा बना रही है, वहीं टीएमसी क्षेत्रीय पहचान और केंद्रीय एजेंसियों के कथित दुरुपयोग पर फोकस कर रही है। आने वाले दिनों में गृह मंत्री अमित शाह और अभिषेक बनर्जी की रैलियां इस मुकाबले को और अधिक रोचक बनाएंगी। 4 मई को होने वाली मतगणना तय करेगी कि बंगाल की कमान किसके हाथ में होगी।


