क्या आपने कभी सोचा है कि अगर घर का मुखिया पैरों से लाचार हो जाए तो घर को कौन चलाएगा। ऐसा ही वाकया वार्ड क्रमांक 35 में हुआ। जहां एक गरीब व्यक्ति लक्ष्मण चौहान जो कि घर-घर घूम कर ब्रेड बेचने का काम करता था। बीमारी की वजह से इसका एक पर नहीं रहा। जिससे उसकी आजीविका का साधन समाप्त हो गया, घर का गुजर बसर भी बड़ी मुश्किल से हो पा रहा था। आए दिन वह कई लोगों के पास सहायता के लिए दौड़ता रहा। लोगों ने कई प्रकार से उसकी मदद भी की। अपने वार्ड के पार्षद एवं नेता प्रतिपक्ष हितानंद अग्रवाल जी के यहां भी वह सहायता के लिए पहुंचा। हितानंद अग्रवाल ने सामर्थ्य विकास योजना के तहत प्रयास कर उसके जीवकोपार्जन के लिए इलेक्ट्रॉनिक ट्राई साइकिल उपलब्ध कराई। आज लक्ष्मण चौहान साइकिल पाकर बेहद खुश है। पूछने पर उसने बताया कि पैर न होने की वजह से वह अपना काम नहीं कर पा रहा था। इलेक्ट्रॉनिक ट्राई साइकिल मिलने से उसके जीवन में नई किरण आई है, अब वह अपना पुराना काम इस साइकिल के माध्यम से कर सकेगा। बातचीत में हितानंद अग्रवाल ने बताया कि विकलांग जनों की सेवा हेतु हम हमेशा तैयार हैं, जब लक्ष्मण चौहान सहायता के लिए उनके पास पहुंचा और अपने परिवार की स्थिति बताई तो उनसे रहा नहीं गया। उन्होंने तुरंत समाज कल्याण विभाग में संपर्क कर उसे योजना का लाभ दिलाया।
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