आज भगवान गणेश की स्थापना के सिर्फ दो मुहूर्त हैं। मुहूर्त के मुताबिक दोपहर 2 बजे तक ही गणेश स्थापना की जा सकती है लेकिन अगर किसी कारण से आप इस समय तक ना कर पाएं तो फिर इसके बाद के किसी अच्छे चौघड़िए में भी स्थापना कर सकते हैं। वैसे सबसे अच्छा मुहूर्त दोपहर का ही है क्योंकि शास्त्र भी कहते हैं भगवान गणपति का जन्म दोपहर में ही हुआ था।
फिर अनंत चतुर्दशी पर उनकी विदाई होगी। मान्यता है कि अगर आप किसी कारण से पूरे 10 दिन गणपति पूजा ना कर सकें तो स्थापना के तीन, पांच या सातवें दिन भी विसर्जन कर सकते हैं। उसी के मुताबिक यहां 3, 5 और 7वें दिन के विसर्जन के मुहूर्त भी दिए जा रहे हैं।
इस बार गणेश स्थापना पर मंगलवार का संयोग बन रहा है। विद्वानों का कहना है कि इस योग में गणपति के विघ्नेश्वर रूप की पूजा करने से इच्छित फल मिलता है। गणेश स्थापना पर शश, गजकेसरी, अमला और पराक्रम नाम के राजयोग मिलकर चतुर्महायोग बना रहे हैं।




