एक अधिकृत विज्ञप्ति जारी कर जनसंपर्क अधिकारी द्वारा बताया गया कि “ग्राम खम्हरिया निवासी की मृत्यु के संबंध में जांच के बाद यह स्पष्ट हुआ है कि उसके मृत्यु का कारण आर्थिक या कर्जजनित नहीं था। तहसीलदार द्वारा प्रस्तुत जांच प्रतिवेदन और परिवारजनों के कथन में यह बात सामने आई है कि मृतक राजकुमार की मृत्यु घरेलू कलह और नशे की लत के कारण हुई है।”
जानकारी के अनुसार मृतक ने 21 अक्टूबर को जहरीले खाद्य पदार्थ का सेवन कर लिया था, जिसके बाद उसे परिजन हरदीबाजार चिकित्सालय और फिर जिला चिकित्सालय कोरबा लेकर पहुंचे, जहां इलाज के दौरान रात लगभग 11:30 बजे उसकी मृत्यु हो गई।
पत्नी और पुत्र के बयान के अनुसार, मृतक रोजी-मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करता था, और वह मादक द्रव्य पदार्थ के सेवन का आदी था। वह प्रतिदिन नशे में घर आकर छोटी-छोटी बातों पर विवाद करता था। घटना के दिन भी मादक द्रव्य पदार्थ के सेवन कर नशे में घर आने के बाद पति-पत्नी के बीच कहा-सुनी हुई थी, जिसके कुछ समय बाद उसने कमरे में जाकर जहरीले खाद्य पदार्थ का सेवन कर लिया। परिजनों ने आगे बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मृतक ने 3-4 वर्ष पूर्व मकान बनाया था, जिसके लिए ग्राम के एक व्यक्ति से लगभग 35 हजार रुपये उधार लिए थे। यह राशि फसल कटने के बाद लौटाने की योजना थी। हालांकि, उधार को लेकर किसी प्रकार का विवाद या दबाव नहीं था।
पटवारी द्वारा प्रस्तुत पंचनामा और जांच प्रतिवेदन में भी यह उल्लेखित है कि मृतक का किसी से आर्थिक विवाद नहीं था तथा उसकी मृत्यु नशे की हालत में पारिवारिक विवाद के बाद हुई। मृतक की पत्नी और पुत्र ने किसी पर भी संदेह या आरोप नहीं लगाया है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि मृतक की आत्महत्या का कारण कर्ज का दबाव नहीं बल्कि पारिवारिक तनाव और नशे की लत रही है। तहसीलदार द्वारा समस्त प्रतिवेदन एवं गवाहों के कथन सहित रिपोर्ट एसडीएम पाली को प्रेषित की गई है।
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