कोरबा। मालती किन्नर की मौत के बाद कोरबा में किन्नर समाज की गद्दी और उत्तराधिकार को लेकर विवाद गहरा गया है। जम्मू-कश्मीर से शीतल नायक के कोरबा पहुंचने के बाद यह विवाद और बढ़ने का दावा किया जा रहा है। स्थानीय पक्ष का आरोप है कि मालती किन्नर ने अपने जीवनकाल में ही अपनी चेली रानू किन्नर को गद्दी का उत्तराधिकारी घोषित कर दिया था। अब गद्दी पर अधिकार को लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद की स्थिति बन गई है।
मालती किन्नर की मौत के बाद सामने आया उत्तराधिकार विवाद
बताया जा रहा है कि मालती किन्नर ने निधन से पहले अपनी चेली रानू किन्नर को उत्तराधिकारी बनाया था। मालती किन्नर की मौत के बाद गद्दी को लेकर विवाद शुरू हुआ। एक पक्ष का कहना है कि गुरु द्वारा जीवनकाल में तय किए गए उत्तराधिकारी को ही गद्दी मिलनी चाहिए।
वहीं, जम्मू-कश्मीर से शीतल नायक के कोरबा पहुंचने के बाद इस विवाद ने नया मोड़ ले लिया है। स्थानीय पक्ष का दावा है कि गद्दी पर अधिकार को लेकर बाहर से आए लोगों के साथ विवाद की स्थिति बनी हुई है।
जम्मू-कश्मीर से शीतल नायक के पहुंचने का दावा
स्थानीय किन्नर पक्ष के अनुसार, शीतल नायक जम्मू से कुछ अन्य किन्नरों के साथ कोरबा पहुंची हैं। आरोप है कि उनके आने के बाद गद्दी पर अधिकार को लेकर तनाव बढ़ गया है। स्थानीय पक्ष ने धमकी और दबाव बनाए जाने के आरोप भी लगाए हैं।
हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में पूरे मामले में पुलिस जांच और दोनों पक्षों के बयान महत्वपूर्ण होंगे।
रानू किन्नर ने लगाए धमकी देने के आरोप
मालती किन्नर की चेली रानू किन्नर ने आरोप लगाया है कि उन्हें डराने और दबाव में लेने का प्रयास किया जा रहा है। रानू का दावा है कि उनके खिलाफ कुछ बाहरी लोगों का इस्तेमाल किया जा रहा है और उन्हें धमकाया जा रहा है।
रानू पक्ष का कहना है कि मालती किन्नर ने अपने जीवनकाल में ही उन्हें गद्दी का उत्तराधिकारी बनाया था। इसलिए अब गद्दी पर किसी दूसरे के अधिकार का दावा किया जाना परंपरा और गुरु-शिष्य व्यवस्था के विपरीत है।
वरिष्ठ किन्नरों ने परंपरा का दिया हवाला
विवाद के बीच रायपुर की अनीता किन्नर और रायगढ़ की पूर्व महापौर मधु बाई किन्नर की प्रतिक्रिया भी सामने आई है। वरिष्ठ किन्नरों के अनुसार, किन्नर समाज की परंपरा में गुरु द्वारा तय किए गए उत्तराधिकारी को गद्दी सौंपे जाने की व्यवस्था रही है।
हालांकि, कोरबा में वर्तमान विवाद को लेकर वास्तविक उत्तराधिकार किसके पक्ष में है, यह संबंधित पक्षों के दावों, उपलब्ध साक्ष्यों और जांच के आधार पर ही स्पष्ट हो सकेगा।
पुलिस की भूमिका पर भी नजर
मालती किन्नर की मौत के बाद शुरू हुआ गद्दी विवाद अब सार्वजनिक रूप से सामने आ चुका है। एक ओर उत्तराधिकार को लेकर दावे किए जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर धमकी और दबाव के आरोप भी लगाए गए हैं।
फिलहाल मामले में गद्दी पर वास्तविक अधिकार किसका है और धमकी के लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है, यह जांच के बाद स्पष्ट होगा। पुलिस द्वारा मामले में सतर्कता बरतने की बात कही गई है। विवाद को देखते हुए दोनों पक्षों के बीच किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति रोकना पुलिस के लिए अहम चुनौती है।




