छत्तीसगढ़ की पारंपरिक लोक संस्कृति और आपसी भाईचारे के पर्व भोजली के अवसर पर शनिवार को घंटाघर ओपन थिएटर मैदान से भव्य भोजली यात्रा निकाली गई
साइंस वाणी न्यूज कोरबा। छत्तीसगढ़ की पारंपरिक लोक संस्कृति और आपसी भाईचारे के पर्व भोजली के अवसर पर शनिवार को घंटाघर ओपन थिएटर मैदान से भव्य भोजली यात्रा निकाली गई। यात्रा में बड़ी संख्या में महिलाएं पारंपरिक वेशभूषा में सिर पर भोजली लेकर शामिल हुईं।
छत्तीसगढ़ी क्रांति सेना गैर राजनीतिक संगठन द्वारा आयोजित यात्रा के दौरान महिलाओं ने भोजली दाई की पूजा-अर्चना कर प्रदेश और क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना की। पूरे मार्ग में लोकगीतों और पारंपरिक गीतों से वातावरण भक्तिमय एवं उत्साहपूर्ण बना रहा।
भोजली को छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक परंपरा और आपसी स्नेह का प्रतीक माना जाता है। इस पर्व के माध्यम से महिलाएं एक-दूसरे को भोजली भेंट कर मित्रता और भाईचारे का संदेश देती हैं। घंटाघर से निकली यात्रा में लोगों का उत्साह देखते ही बन रहा था। बड़ी संख्या में लोगों ने शामिल होकर छत्तीसगढ़ी संस्कृति और परंपरा के प्रति अपनी आस्था व्यक्त की।




