कोरबा 07 जनवरी 2025/ कलेक्टर श्री अजीत वसंत ने आज खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 में पंजीकृत किसानों से समर्थन मूल्य पर उपार्जित धान के संबंध शासन से प्राप्त निर्देशानुसार, उपार्जित धान हेतु उपार्जन केन्द्र स्तर पर स्थान की पर्याप्त उपलब्धता, धान की अवैध आवक एवं रीसाइक्लिंग पर रोक को सुनिश्चित करने हेतु जिले के पंजीकृत राईस मिलर्स द्वारा किए जा रहे धान उठाव, कस्टम मिलिंग की कार्यवाही एवं धान खरीदी केन्द्रों में प्रचलित धान उपार्जन / परिदान के संबंध में राजस्व अधिकारियों, उप पंजीयक सहकारी संस्थाएं कोरबा, उप संचालक कृषि विभाग, खाद्य अधिकारी एवं नोडल अधिकारी सीसीबी कोरबा, सचिव, कृषि उपज मंडी कटघोरा एवं सभी धान खरीदी केन्द्रो हेतु नियुक्त नोडल अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली। बैठक में कलेक्टर ने निर्देशित किया कि जिले के धान उपार्जन केंद्रों पर अवैध धान की आवक को पूरी तरह से रोका जाए।
कलेक्टर श्री वसंत ने अनुविभागीय अधिकारियों और राजस्व अधिकारियों को निर्देशित किया कि मिलर्स के डीएम और धान उठाव की प्रक्रिया में एकरूपता की जांच की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि धान परिवहन करने वाले वाहनों की नियमित और सघन जांच की जाए, ताकि अवैध परिवहन पर प्रभावी रोक लगाई जा सके। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि जिले के 7 धान उपार्जन केंद्र – कनकी, लैंगा,जटगा, बिंझरा कुल्हारियां,सिरमिना,रंजना आदि में विगत वर्ष की अपेक्षा इस वर्ष धान उत्पादन 50 प्रतिशत तक बढ़ गया है जिसकी पारदर्शिता से जांच की जाए और जांच रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए।
कलेक्टर ने अधिकारियों को जिले के समस्त उपार्जन केन्द्रो में धान की अवैध आवक की सतत् निगरानी रखने हेतु सख्त निर्देश दिए गए है, साथ ही प्रत्येक धान उपार्जन केन्द्रो से डी.ओ. के विरूद्ध राईस मिलरों द्वारा उठाव किए जा रहे धानमय वाहन की वीडियो कॉलिंग के माध्यम से तस्दीक करने की कड़ाई से पालन कराने हेतु उप पंजीयक सहकारी संस्थाएं कोरबा एवं नोडल अधिकारी सीसीबी कोरबा को सख्त निर्देश दिए है।
बैठक में विपणन एवं खाद्य विभाग के अधिकारियों को राईस मिलर्स द्वारा डी.ओ अनुसार उठाव किए जा रहे धान का मात्रात्मक परीक्षण राईस मिल परिसर में उपस्थित होकर किए जाने के निर्देश दिए गए है। किसी भी दशा में धान की रिसाईकलिंग एवं धान की अवैध आवक रोके जाने की हर संभव प्रयास किए जाने के सख्त निर्देश दिए गए है, साथ ही प्रत्येक उपार्जन केन्द्र स्तर पर जारी टोकन में से प्रतिदिवस 5 टोकनों का सत्यापन पटवारियों के माध्यम से कराने हेतु सभी तहसीलदारों को निर्देशित किया गया है। इसके साथ ही सत्यापन में जारी टोकन में उपलब्ध धान की मात्रा अनुसार खरीदी किया जावे तथा कृषकों धान विक्रय पश्चात शेष रकबा के समर्पण हेतु सहमति उपरांत रकबा का समर्पण करने हेतु निर्देशित किया गया है। खाद्य निरीक्षक एवं सहकारिता निरीक्षको को अपने क्षेत्र के समितियों की सतत निगरानी करते हुए समिति स्तर पर धान की अवैध विक्रय पर रोकने हेतु निर्देशित किया गया है। उन्होंने हिदायत दी है कि धान के अवैध विक्रय पर संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जायेगी एवं सख्त कार्यवाही की जाएगी।
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