निहारिका गणेशोत्सव समिति द्वारा महानदी कॉम्प्लेक्स परिसर निहारिका रोड, कोरबा में आयोजित दस दिवसीय श्री गणेश कथा के द्वितीय दिवस पर सर्वधर्मार्थ कल्याण सेवा समिति के संस्थापक, मानस एवं भागवत के मर्मज्ञ परम पूज्य पंडित श्री देवशरण दुबे जी ने भगवान आदि गणेश की महिमा का दिव्य वर्णन करते हुए अहंकार के दुष्परिणाम एवं विनम्रता के महत्व पर प्रकाश डाला। व्यासपीठ से श्री गणेश कथा का वर्णन करते हुए पंडित देवशरण दुबे जी ने बताया कि एक समय सृष्टि के रचयिता ब्रह्मा जी को अपने सामर्थ्य का अहंकार हो गया। अहंकार के प्रभाव से संपूर्ण सृष्टि जलमग्न हो गई और चारों ओर प्रलय जैसा दृश्य उत्पन्न हो गया। उस समय केवल एक पीपल के पत्ते पर विराजमान भगवान आदि गणेश ही दृष्टिगोचर हो रहे थे। उन्होंने बताया कि जब ब्रह्मा, विष्णु और महेश ने इस अद्भुत स्वरूप का दर्शन किया, तब तीनों देवताओं ने भगवान गणेश की स्तुति कर उनसे मार्गदर्शन की प्रार्थना की। भगवान आदि गणेश ने उन्हें अहंकार त्यागकर अपने-अपने दायित्वों का पालन करने का उपदेश दिया तथा ब्रह्मा जी को सृष्टि की रचना, भगवान विष्णु को पालन एवं भगवान महेश को संहार का कार्य संपादित करने का निर्देश देते हुए आशीर्वाद प्रदान किया। पंडित देवशरण दुबे जी ने कहा कि अहंकार मनुष्य के पतन का सबसे बड़ा कारण है। जब व्यक्ति स्वयं को सर्वश्रेष्ठ मानने लगता है, तब उसके विवेक का नाश होने लगता है। भगवान गणेश का यह प्रसंग हमें सिखाता है कि चाहे कितना भी ज्ञान, शक्ति या पद प्राप्त हो जाए, विनम्रता का त्याग नहीं करना चाहिए। ईश्वर की कृपा और विनम्र आचरण से ही जीवन में सफलता, शांति एवं कल्याण संभव है। कथा श्रवण कर रहे श्रद्धालु पहली बार आयोजित इस अद्भुत श्री गणेश कथा का लाभ प्राप्त कर रहे हैं। भाव-विभोर श्रोताओं ने कहा कि व्यासपीठ से पंडित श्री देवशरण दुबे जी द्वारा किया जा रहा यह दिव्य एवं ज्ञानवर्धक वर्णन अत्यंत अद्भुत है। उन्होंने कहा कि अपने जीवन में पहली बार गणेश महापुराण एवं भगवान गणेश के विभिन्न स्वरूपों और लीलाओं का इतना विस्तृत एवं रोचक श्रवण करने का अवसर प्राप्त हुआ है। श्रद्धालुओं ने कथा वाचक एवं आयोजकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए अंचलवासियों से इस दिव्य कथा का श्रवण लाभ लेने का आग्रह किया। सर्वधर्मार्थ कल्याण सेवा समिति एवं निहारिका गणेशोत्सव समिति द्वारा बताया गया कि यह दस दिवसीय श्री गणेश कथा प्रतिदिन मध्यान्ह 3 बजे से सायं 7 बजे तक महानदी कॉम्प्लेक्स परिसर निहारिका रोड, कोरबा छत्तीसगढ़ में आयोजित की जा रही है, जिसमें श्रद्धालुओं की निरंतर सहभागिता बढ़ रही है। समिति ने सभी धर्मप्रेमी श्रद्धालुओं से कथा में उपस्थित होकर भगवान श्री गणेश जी की कथा में श्रवण लाभ लेकर उनकी कृपा प्राप्त करने का आग्रह किया है।
फोटो-1- श्री गणेश कथा श्रवण करते श्रद्धालु भक्तगण।
2- श्री गणेश कथा का रस पान कराते सर्वधर्मार्थ कल्याण सेवा समिति के संस्थापक, मानस एवं भागवत के मर्मज्ञ परम पूज्य पंडित श्री देवशरण दुबे जी।
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