विवरण- मामले का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है कि 17 वर्षीय प्रार्थी चौकी उपस्थित आकर प्रथम सूचना पत्र दर्ज कराया कि दिनांक 09.03.2024 के रात 09.00 बजे के आसपास यह अपने दोस्त के साथ घुमने के लिए मुड़ादाई तलाब की ओर जा रहा था जैसे ही चिमनीमट्ठा फर्नीचर गोदाम के पास पहुंचा था, वहां पर पहले से ही इसके मोहल्ले के 04 नाबालिक बच्चे आपस में गाली गलौच कर जोर-जोर से बात कर रहे थे तब यह उन्हें किसको गाली गलौच कर रहे हो की बात बोला तब नाबालिक अपचारी बालकगण 04 नफर एक साथ मिलकर तुम कौन होते हो पुछने वाला की बात कहते हुए इसे मां-बहन की गंदी गाली गलौच कर जान से मारने के नियत से चाकू से, डंडा से तथा बेल्ट से मारपीट किया है यदि इसे साक्षीगण, प्रार्थी को नहीं बचाते तो वह लोग इसे जाने से मार डालते का रिपोर्ट दर्ज कराया है जो प्रार्थी के रिपोर्ट पर धारा सदर का अपराध घटित होना पाये जाने से अपराध सदर कायम कर विवेचना कार्यवाही में लिया गया है। प्रकरण के गम्भीरता को देखते हुए श्रीमान पुलिस अधीक्षक महोदय कोरबा श्री सिद्धार्थ तिवारी, श्रीमान् नगर पुलिस अधीक्षक कोरबा श्री भुषण एक्का को अवगत कराया जाकर सक्त कार्यवाही करने का निर्देश प्राप्त होने बाद निरीक्षक नितिन उपाध्याय थाना प्रभारी महोदय कोतवाली के कुशल मार्गदर्शन में चौकी प्रभारी मानिकपुर उनि प्रेमचंद साहू के नेतृत्व विवेचना कार्यवाही आरंभ किया जाकर गवाहो का कथन एवं संकलित साक्ष्य के आधार पर नाबालिक अपचारी बालकगण के विरूद्ध प्राण घातक हमला करना सबूत जाने से तथा नाबालिक अपचारी बालकगण के पृथक-पृथक मेमोरंडम कथनानुसार घटना में प्रयुक्त चाकू बेल्ट एवं लकड़ी का डंडा को विधिवत् जप्त कर कब्जा पुलिस में लिया गया, उक्त बालकगण को विधिवत निरूद्ध कर जुर्म माननीय प्रधान न्यायाधीश महोदय के न्यायालय में पेश किया गया है जहां से जमानत के आभाव में बालक गृह भेजा गया है।
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