Friday, February 20, 2026

रणनीतिक हथियार की तरह इस्तेमाल हुई ट्रंप प्रशासन की टैरिफ पॉलिसी, सरकारी दस्तावेज से खुलासा

नई दिल्ली/वाशिंगटन। ट्रंप प्रशासन की टैरिफ पॉलिसी को लेकर सामने आए सरकारी दस्तावेजों ने बड़ा खुलासा किया है। ‘द वाशिंगटन पोस्ट’ की रिपोर्ट के अनुसार, पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आयात शुल्क को केवल व्यापार घाटा कम करने के लिए नहीं, बल्कि इसे रणनीतिक दबाव के हथियार के तौर पर भी इस्तेमाल किया।

दस्तावेजों के मुताबिक, टैरिफ पॉलिसी के तहत अमेरिका ने कई देशों से ऐसे फैसले करवाने की कोशिश की, जो सामान्यतः व्यापार समझौतों का हिस्सा नहीं होते। इसमें सैन्य तैनाती, रक्षा खरीद और निजी कंपनियों के हितों से जुड़े शर्तें शामिल थीं।

रिपोर्ट में बताया गया है कि दक्षिण कोरिया पर दबाव डाला गया कि वह अमेरिकी सैनिकों की तैनाती में बदलाव का समर्थन करे और चीन को संतुलित करने के लिए अपने रक्षा खर्च में इजाफा करे। साथ ही उसे अमेरिकी सैन्य हार्डवेयर खरीदने के लिए भी राजी किया गया। वहीं, इजरायल पर यह दबाव डाला गया कि वह हाइफा पोर्ट से चीनी कंपनी का नियंत्रण हटाए।

विशेषज्ञों का कहना है कि यह दस्तावेज दिखाते हैं कि ट्रंप प्रशासन ने टैरिफ पॉलिसी को न केवल आर्थिक बल्कि भू-राजनीतिक उद्देश्यों की पूर्ति के लिए भी हथियार की तरह इस्तेमाल किया। इसका असर भारत समेत कई देशों पर पड़ा, जिन्हें अप्रत्यक्ष रूप से चेतावनी दी गई थी।

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