Korba Accident : भारतमाला परियोजना के दौरान हादसा, मजदूर की मौत, जांच जारी

Korba Accident : कोरबा, 17 नवंबर: छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में सड़क निर्माण कार्य के दौरान बड़ा हादसा हो गया। पंतोरा मुख्य मार्ग स्थित भारतमाला रोड पर तेज रफ्तार पिकअप वाहन अनियंत्रित होकर पलट गया, जिसमें एक मजदूर की मौके पर ही मौत हो गई और चार मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसा दोपहर लगभग 12 बजे हुआ और इससे निर्माण स्थल पर अफरा-तफरी मच गई।

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तेज रफ्तार पिकअप अनियंत्रित होकर रेलिंग से टकराई

मिली जानकारी के अनुसार, जीआरआईएल बलौदा नामक कंपनी भारतमाला परियोजना के तहत डिवाइडर पट्टी का निर्माण कर रही थी।काम पर जा रहे पाँच मजदूर पिकअप वाहन में सवार थे। वाहन तेज रफ्तार में था और अचानक सड़क किनारे लगी लोहे की रेलिंग से टकरा गया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि पिकअप पलट गई और वाहन में सफर कर रहे मजदूर दब गए।

राजस्थान के मजदूर की मौके पर मौत, चार की हालत गंभीर

हादसे में मुकेश कुमार (28 वर्ष), निवासी शाहपुरा (राजस्थान), की मौके पर ही मौत हो गई।अन्य चार मजदूर गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं।घायलों को तत्काल कोरबा जिला मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उन्हें आईसीयू में भर्ती किया गया है। डॉक्टरों ने उनकी हालत नाजुक बताई है और लगातार इलाज जारी है।

मृतक के परिजन को घटना की सूचना, राजस्थान से कोरबा के लिए रवाना

निर्माण स्थल पर काम कर रहे कर्मचारी राम कैलाश, जो उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं, ने बताया कि हादसे के तुरंत बाद सभी घायलों को अस्पताल ले जाया गया।उन्होंने मृतक के परिजनों को फोन कर घटना की जानकारी दी, जिसके बाद परिवार के सदस्य राजस्थान से कोरबा रवाना हो चुके हैं।

पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू की

पंतोरा थाना प्रभारी बसंत कुमार साव ने हादसे की पुष्टि करते हुए बताया कि—

“एक मजदूर की मौत हुई है और चार घायल हैं। वाहन अनियंत्रित होने के कारण दुर्घटना हुई प्रतीत हो रही है। मामले की जांच शुरू कर दी गई है।”

इसी बीच जिला अस्पताल चौकी प्रभारी विश्व नारायण चौहान ने बताया कि मेडिकल कॉलेज से घटना संबंधी मेमो प्राप्त हुआ है।
परिजनों के आने के बाद मृतक का पंचनामा और आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

स्थानीय स्तर पर बढ़ी सतर्कता, निर्माण कंपनी से जवाबदेही की मांग

इस हादसे से स्थानीय मजदूरों और निवासियों में चिंता बढ़ गई है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि:

  • क्या निर्माण स्थल पर सुरक्षित वाहन व्यवस्था थी?

  • क्या ड्राइवर प्रशिक्षित था और गति सीमा का पालन कर रहा था?

  • क्या मजदूरों को सुरक्षित आवागमन की सुविधा उपलब्ध कराई गई थी?

स्थानीय लोगों ने प्रशासन से निर्माण कंपनियों की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की मांग भी की है।

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