Wednesday, February 4, 2026

राहुल गांधी का बदला सियासी अंदाज़’ RSS नेता और बृजमोहन अग्रवाल संग बातचीत ने बढ़ाई हलचल

रायपुर/दिल्ली | सोशल मीडिया पर इन दिनों एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, आरएसएस (RSS) के एक नेता और छत्तीसगढ़ भाजपा के दिग्गज नेता बृजमोहन अग्रवाल के साथ चर्चा करते नजर आ रहे हैं। हालांकि, इस वीडियो की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन इसने राजनीतिक गलियारों में एक नई बहस को जन्म दे दिया है।

राहुल की विचारधारा और RSS से टकराव

राहुल गांधी की राजनीति और सोच हमेशा से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और भाजपा की विचारधारा के विपरीत रही है। वे सार्वजनिक मंचों और अपनी विदेश यात्राओं के दौरान भी संघ की कार्यप्रणाली पर तीखे हमले करने के लिए जाने जाते हैं। चर्चाओं के बीच, उनके पुराने बयानों को भी याद किया जा रहा है जिसमें उन्होंने संघ को ‘देश की संस्थाओं पर कब्जा करने वाला संगठन’ बताया था।

विदेशी मंचों पर बयान और छवि का मुद्दा

भाजपा और सत्तापक्ष हमेशा राहुल गांधी पर यह आरोप लगाता रहा है कि वे अपनी विदेश यात्राओं के दौरान विदेशी मीडिया के सामने भारत की छवि को धूमिल करते हैं।

  • सीमा विवाद: राहुल गांधी चीन के साथ सीमा रेखा पर कब्जे के मुद्दे को लेकर अक्सर मोदी सरकार को घेरते नजर आते हैं।

  • अस्थिरता के आरोप: भाजपा नेताओं का कहना है कि राहुल गांधी के बयान देश में भ्रम फैलाते हैं और सरकार को अस्थिर करने का प्रयास करते हैं।

बृजमोहन अग्रवाल संग वायरल वीडियो का सच?

रायपुर से दिल्ली तक चर्चा का विषय बने इस कथित वीडियो में राहुल गांधी और बृजमोहन अग्रवाल के बीच की केमिस्ट्री को लेकर लोग तरह-तरह के कयास लगा रहे हैं। जहाँ एक ओर इसे ‘शिष्टाचार भेंट’ बताया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर सोशल मीडिया यूजर्स इसे आगामी राजनीतिक समीकरणों से जोड़कर देख रहे हैं।

राजनीतिक जानकारों का मानना है: “लोकतंत्र में वैचारिक मतभेद होना स्वाभाविक है, लेकिन व्यक्तिगत मुलाकातों को हमेशा राजनीतिक चश्मे से नहीं देखा जाना चाहिए। हालांकि, राहुल गांधी का इतिहास रहा है कि वे भाजपा और आरएसएस के बड़े आयोजनों के समय अपने बयानों से सुर्खियां बटोरते हैं।”

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