बिलासपुर | रेल मंत्री अश्वनी वैष्णव सोमवार को वर्चुअल प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए देश और छत्तीसगढ़ को मिले रेल बजट की खूबियां गिना रहे थे। लेकिन बिलासपुर के जोनल मुख्यालय में माहौल कुछ और ही था। जब मंत्री जी आंकड़ों के जरिए विकास का रोडमैप रख रहे थे, तब मंच पर बैठे रेलवे के दो कद्दावर अधिकारी अपनी नींद पूरी करते नजर आए।
कौन हैं झपकी लेने वाले ‘साहब’?
वीडियो में बिलासपुर जोनल मुख्यालय में मौजूद PCCM (प्रधान मुख्य वाणिज्य प्रबंधक) जेएस बिंद्रा और प्रमुख चीफ इंजीनियर मुरीत भटनागर साफ तौर पर नींद के आगोश में नजर आ रहे हैं। एक तरफ रेल मंत्री छत्तीसगढ़ के लिए ₹7470 करोड़ के रिकॉर्ड आवंटन की बात कर रहे थे, वहीं दूसरी तरफ इन अधिकारियों की ‘सुस्ती’ ने विभाग की गंभीरता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
बजट में क्या मिला बिलासपुर जोन को?
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान रेल मंत्री ने बताया कि छत्तीसगढ़ में रेलवे के विकास के लिए इस साल का बजट कांग्रेस शासन काल की तुलना में 24 गुना ज्यादा है।
-
बिलासपुर जोन: पिछले बजट के मुकाबले इस बार 545 करोड़ रुपये ज्यादा आवंटित किए गए हैं।
-
बड़ी घोषणा: छत्तीसगढ़ के लिए कुल ₹7470 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
-
निराशा: भारी भरकम बजट के बावजूद इस बार बिलासपुर जोन के लिए एक भी नया प्रोजेक्ट घोषित नहीं किया गया है। सारा ध्यान पुरानी और लंबित परियोजनाओं को पूरा करने पर ही केंद्रित है।
सवालों के घेरे में लापरवाही
रेलवे बोर्ड के इतने वरिष्ठ अधिकारियों का केंद्रीय मंत्री की प्रेस कॉन्फ्रेंस जैसे महत्वपूर्ण कार्यक्रम में इस तरह गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार चर्चा का विषय बना हुआ है। जब मंत्री जी रेलवे की कार्यक्षमता और आधुनिकीकरण पर जोर दे रहे हों, तब जोनल मुख्यालय के प्रमुखों का सोना विभागीय अनुशासन पर सवाल उठाता है।



