फैसले का सार
RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने बताया कि मौजूदा आर्थिक हालात में दरों को स्थिर रखना उपयुक्त है। 2025 में चार किस्तों में कुल 1.25% की कटौती के बाद यह विराम लिया गया है। महंगाई के जोखिम और ग्रोथ के संतुलन को देखते हुए कदम उठाया गया।
आधिकारिक बयान
“मौजूदा दरें विकास को सहारा देती हैं। महंगाई पर नजर रहेगी। जरूरत पड़ी तो आगे कदम उठाए जाएंगे।”
— संजय मल्होत्रा, गवर्नर, RBI
आम लोगों पर असर
होम लोन, ऑटो लोन और पर्सनल लोन लेने वालों को राहत मिलेगी। नई EMI बढ़ने का दबाव नहीं आएगा। जिनकी फ्लोटिंग रेट पर EMI चल रही है, उन्हें भी स्थिरता का फायदा मिलेगा। बैंक तत्काल दरें नहीं बढ़ाएंगे।
आगे क्या
बाजार की नजर अगली MPC बैठक पर रहेगी। महंगाई के आंकड़े और वैश्विक संकेत दिशा तय करेंगे। फिलहाल उधारकर्ताओं के लिए स्थिति स्थिर है।



