नारायणपुर | 13 फरवरी, 2026: छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग अंतर्गत नारायणपुर जिले के अबूझमाड़ इलाके में सुरक्षाबलों ने नक्सलियों के एक बड़े मंसूबे को ध्वस्त कर दिया है। ओरछा थाना क्षेत्र के ओएंगर जंगल में चलाए गए एक विशेष एंटी-नक्सल ऑपरेशन के दौरान जवानों ने नक्सलियों द्वारा छिपाकर रखे गए भारी मात्रा में हथियार और विस्फोटक बरामद किए हैं।
मुख्य अपडेट्स:
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स्थान: ओएंगर क्षेत्र के घने जंगल, अबूझमाड़।
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बरामदगी: भारी संख्या में आईईडी (IED) बनाने का सामान, जिलेटिन रॉड्स, इलेक्ट्रिक वायर और अन्य विस्फोटक।
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अभियान का नेतृत्व: आईटीबीपी (ITBP) और जिला पुलिस बल की संयुक्त टीम।
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मिशन: 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद के पूर्ण खात्मे का संकल्प।
खुफिया इनपुट पर हुई बड़ी कार्रवाई
जानकारी के अनुसार, सुरक्षाबलों को सूचना मिली थी कि नक्सली किसी बड़ी घटना को अंजाम देने के लिए ओएंगर के जंगलों में विस्फोटक डंप कर रहे हैं। इस सूचना पर डिप्टी कमांडेंट विकास पाचर के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई। जवानों ने जब इलाके की सर्चिंग की, तो जमीन के नीचे छिपाकर रखे गए विस्फोटकों का जखीरा बरामद हुआ।
नक्सलियों की ‘बारूदी साजिश’ फेल
बरामद सामग्रियों में भारी मात्रा में प्रेशर कुकर आईईडी, वायर, बैटरी और बम बनाने के अन्य उपकरण शामिल हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इन विस्फोटकों का इस्तेमाल सुरक्षाबलों के वाहनों या सर्चिंग पार्टियों को निशाना बनाने के लिए किया जाना था। बम निरोधक दस्ते (BDS) ने मौके पर ही कई खतरनाक विस्फोटकों को सुरक्षित तरीके से नष्ट कर दिया।
‘मिशन 2026’ की ओर बढ़ते कदम
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा निर्धारित 31 मार्च 2026 की डेडलाइन का असर धरातल पर दिख रहा है। छत्तीसगढ़ में पिछले एक साल से एंटी-नक्सल ऑपरेशंस में तेजी आई है:
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सक्रियता: सुरक्षाबल अब नक्सलियों के उन ‘कोर क्षेत्रों’ में घुसकर ऑपरेशन कर रहे हैं जहाँ पहले जाना असंभव माना जाता था।
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सफलता: साल 2024 से अब तक सैकड़ों नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है और कई बड़े कैडर के माओवादी मारे गए हैं।
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विकास: सुरक्षा कैंपों के माध्यम से सड़कों और पुलों का निर्माण भी तेजी से हो रहा है।



