रानी दुर्गावती योजना: जन्म से लेकर आत्मनिर्भरता तक का साथ
इस योजना का मुख्य उद्देश्य राज्य में बालिका शिक्षा को बढ़ावा देना और बाल विवाह जैसी कुरीतियों पर लगाम लगाना है। सरकार बेटियों के जन्म के समय एक ‘एश्योरेंस सर्टिफिकेट’ जारी करेगी।
- पात्रता: यह योजना विशेष रूप से बीपीएल (BPL) परिवारों की बेटियों के लिए होगी।
- उपयोग: 1.5 लाख रुपये की इस राशि का उपयोग बेटियां अपनी उच्च शिक्षा या विवाह के लिए कर सकेंगी।
- डिजिटल ट्रैकिंग: योजना की पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए ऑनलाइन पोर्टल और मोबाइल ऐप भी लॉन्च किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ‘लखपति दीदी’ भ्रमण योजना की शुरुआत
महिलाओं को उद्यमिता से जोड़ने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए बजट में मुख्यमंत्री लखपति दीदी भ्रमण योजना का ऐलान किया गया है। इसके तहत स्वयं सहायता समूहों (SHG) की सफल महिलाओं को दूसरे राज्यों और सफल बिजनेस मॉडल्स के अध्ययन दौरे पर भेजा जाएगा। सरकार का लक्ष्य प्रदेश की 5 लाख महिलाओं को ‘लखपति दीदी’ की श्रेणी में लाना है।
“हमारा बजट केवल आंकड़ों का लेखा-जोखा नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की माताओं और बहनों के सशक्तिकरण का रोडमैप है। रानी दुर्गावती योजना से अब किसी गरीब पिता को बेटी की पढ़ाई या शादी की चिंता नहीं सताएगी।”
— ओपी चौधरी, वित्त मंत्री, छत्तीसगढ़



