Friday, February 27, 2026

कन्या छात्रावास में छात्राओं से रंगाई-पुताई का काम, छज्जों पर चढ़कर सफाई का वीडियो वायरल

रायगढ़ | छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में स्थित एक आदिवासी कन्या छात्रावास (Tribal Girls Hostel) विवादों के घेरे में है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक चौंकाने वाले वीडियो में हॉस्टल की छात्राएं पढ़ाई छोड़ दीवारों पर सफेदी और छज्जों की खतरनाक सफाई करती नजर आ रही हैं। इस घटना ने प्रशासन की कार्यप्रणाली और बच्चों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

क्या है वायरल वीडियो में?

वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि कम उम्र की छात्राएं हाथों में ब्रश और बाल्टी लेकर हॉस्टल के कमरों की दीवारों की रंगाई-पुताई कर रही हैं। इतना ही नहीं, कुछ लड़कियां ऊंचाई पर स्थित छज्जों पर चढ़कर गंदगी साफ करती दिख रही हैं, जिससे किसी बड़े हादसे का खतरा भी बना हुआ था।

वार्डन का अजीबोगरीब तर्क: ‘प्यून ने करवाया काम’

इस पूरे मामले पर जब हॉस्टल वार्डन से सवाल किया गया, तो उन्होंने जिम्मेदारी लेने के बजाय पल्ला झाड़ लिया।

  • वार्डन का बयान: वार्डन ने दावा किया कि उन्होंने ऐसा कोई निर्देश नहीं दिया था। उनके मुताबिक, “यह काम प्यून (चपरासी) ने छात्राओं से करवाया है।” * लापरवाही: सवाल यह उठता है कि जब छात्राएं घंटों तक यह काम कर रही थीं, तब वार्डन और जिम्मेदार स्टाफ कहाँ था?

नियमों की धज्जियाँ, सुरक्षा दांव पर

आदिवासी छात्रावासों के रखरखाव के लिए शासन द्वारा अलग से बजट आवंटित किया जाता है, जिसमें साफ-सफाई और पुताई के लिए प्रोफेशनल लेबर (मजदूरों) का प्रावधान होता है।

  1. बाल श्रम का उल्लंघन: छात्राओं से इस तरह का काम कराना बाल श्रम और मानवाधिकारों का सीधा उल्लंघन है।

  2. जान का जोखिम: छज्जों पर चढ़कर सफाई करना किसी भी छात्रा के लिए जानलेवा साबित हो सकता था।

  3. मानसिक शोषण: शिक्षा के मंदिर में छात्राओं को ‘मजदूर’ की तरह इस्तेमाल करना उनके मनोबल को ठेस पहुँचाने वाला कृत्य है।

कार्रवाई की तैयारी

वीडियो सामने आने के बाद आदिवासी विकास विभाग और जिला प्रशासन ने मामले का संज्ञान लिया है। सूत्रों के अनुसार, संबंधित वार्डन और दोषी कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया जा रहा है और इस मामले की उच्च स्तरीय जाँच के आदेश दिए गए हैं।

- Advertisement -
Latest news
- Advertisement -
Related news
- Advertisement -