- बड़ी रेड: 4 अप्रैल की रात रायपुर पुलिस ने 8 अलग-अलग पॉइंट्स पर ‘ब्लॉक’ लगाकर 121 चालकों को दबोचा।
- हाई प्रोफाइल कार्रवाई: ड्रिंक एंड ड्राइव के इस अभियान में एक रसूखदार कांग्रेस नेता की गाड़ी भी जब्त की गई।
- रिकॉर्ड तोड़ आंकड़े: 2026 में अब तक नशे में ड्राइविंग के 1,724 मामले दर्ज हो चुके हैं, जो 2025 के कुल आंकड़े (1,537) को पार कर गए हैं।
Congress Leader Car Seized , रायपुर — राजधानी की सड़कों पर शनिवार रात यातायात पुलिस ने अपनी ‘डिफेंसिव लाइन’ इतनी मजबूत कर दी कि नशे में धुत 121 चालक सीधे उनके जाल में फंस गए। उपायुक्त विकास कुमार के नेतृत्व में पुलिस ने महज 4 घंटे के भीतर शहर के 8 मुख्य चौराहों पर स्ट्राइक की। इस कार्रवाई की सबसे बड़ी खबर एक कांग्रेस नेता की कार की जब्ती रही, जिससे यह साफ हो गया कि नियमों के खेल में ‘वीआईपी’ कार्ड काम नहीं आने वाला।
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मैदान पर ‘ड्रिंक एंड ड्राइव’ का ग्राफ: 2025 का रिकॉर्ड ध्वस्त
पुलिस ने इस बार केवल चालान नहीं काटा, बल्कि गाड़ियां सीधे ‘बेंच’ पर (जब्त कर) भेज दीं। आंकड़ों की बाजीगरी देखें तो रायपुर में ड्रिंक एंड ड्राइव का स्कोर खतरनाक लेवल पर पहुंच गया है।
- 4 घंटे का गेम: रात के समय अचानक शुरू हुए इस ऑपरेशन ने शराब पीकर गाड़ी चलाने वालों की ‘फिल्डिंग’ बिगाड़ दी।
- आंकड़ों की बढ़त: 2026 में अब तक 1,724 मामले सामने आए हैं। पिछले साल इसी समय तक यह आंकड़ा 1,537 था।
- सख्त निर्देश: एमव्ही एक्ट की धारा 185 के तहत पुलिस अब किसी भी तरह की ढिलाई बरतने के मूड में नहीं है।
उपायुक्त विकास कुमार ने खुद मोर्चा संभालते हुए चेकिंग पॉइंट्स का जायजा लिया। पुलिस ने साफ कर दिया है कि सड़कों पर हुड़दंग और नशे में ड्राइविंग करने वालों का लाइसेंस अब ‘रेड कार्ड’ (रद्द) के करीब है।
“शहर की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है। हमने 8 स्थानों पर सघन जांच की और 121 लोगों के खिलाफ ड्रिंक एंड ड्राइव का मामला दर्ज किया है। कानून सबके लिए बराबर है, चाहे वह कोई नेता हो या आम नागरिक। 2026 में बढ़ते मामले चिंताजनक हैं, इसलिए यह अभियान और भी सख्त होगा।”
— विकास कुमार, उपायुक्त (यातायात एवं प्रोटोकॉल), रायपुर


